सहारा मीडिया में आज की सबसे बड़ी गासिप क्रेडिट कार्ड चोरी प्रकरण है. यहां के एक बड़े पदाधिकारी का क्रेडिट कार्ड चोरी हो गया था. इस मीडिया हाउस के ढेर सारे रिपोर्टर चोर को पकड़ने में जुट गए. बताया जाता है कि तहरीर भी दी गई. पुलिस ने चोर को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया. चोर ने क्रेडिट कार्ड का यूज कर के तकरीब एक लाख पैंतीस हजार रुपये तक की खरीदारी की थी. जिस माल से खरीदारी की गई वहां के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. सामने जो चोर निकला, उसे देखकर मीडिया हाउस के रिपोर्टरों के साथ-साथ पुलिस वाले भी भौचक हो गए.
यह चोर कोई और नहीं, सहारा मीडिया में ही कार्यरत एक बड़े और पुराने पदाधिकारी हैं. सूत्र सहारा मीडिया में यह प्रकरण घटित होने की भरपूर पुष्टि कर रहे हैं लेकिन किसी के पास कोई भी प्रमाण नहीं है क्योंकि एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और न ही किसी के पास सीसीटीवी फुटेज है. चोर की असलियत सामने आने के बाद सहारा मीडिया के बड़े पदाधिकारी, जिनका कार्ड चोरी हुआ था, ने समझदारी दिखाते हुए इसे तूल देने की बजाय अपने स्तर से खत्म करना उचित समझा.
यही कारण है कि जब कथित चोर से भड़ास ने पूछा कि क्या वाकई आपने चोरी की है, तो उनका जवाब था कि जिनका कार्ड चोरी हुआ है, उनको मैंने खुद फोन करके पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. कथित चोर ने कहा कि सहारा मीडिया में उनके ढेर सारे दुश्मन हैं, तमाम तरह की अफवाहें और उल्टी बातें उनके बारे में उड़ाई जाती है. यह काम भी उनके विरोधी लाबी की है. उन्होंने दावा किया कि सहारा में उन पर एक रुपये की भी चोरी का आरोप आजतक नहीं लगा. (कानाफूसी)
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