दैनिक जागरण के जालन्धर संस्करण में स्वामी चिन्मयानन्द को चिन्मय मिशन से जोड़कर दिखाया गया है, जिस पर बवाल खड़ा हो गया है. सुना है कि समाचार सम्पादक सुशील खन्ना और सब-एडिटर को माफ़ीनामा देना पड़ा है और जागरण प्रबंधन किसी तरह से चिन्मय मिशन के पाँव पकड़ने में लगा है किसी तरह से मामला तूल न पकड़े. हालांकि इससे एक बार फिर साबित हो गया है कि जागरण कैसे-कैसे लोगों का ठिकाना बन गया है.
यह गलती जागरण के पंजाबी अखबार में हुई है. 1 दिसम्बर को प्रकाशित इस खबर को आप भी देखिए. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करिए.

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.





