नई दिल्ली : दीपक भारद्वाज हत्याकांड में हत्यारों के सीसीटीवी फुटेज एक न्यूज चैनल को मुहैया कराने वाले वसंतकुंज थाने के सिपाही अरविंद डबास को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस मामले में एक इंस्पेक्टर व एक सब-इंस्पेक्टर की भी भूमिका सामने आ रही थी किंतु जांच के बाद उन्हें क्लीनचिट दे दी गई। जांच में पता चला कि अरविंद डबास ने ही गुपचुप तरीके से सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराई थी। न्यूज चैनल की महिला पत्रकार को वह 2006 से जानता है।
इस वाकये से थाना पुलिस की भी बहुत बड़ी लापरवाही उजागर हुई थी कि सीसीटीवी फुटेज पर इंस्पेक्टरों का नियंत्रण कैसे नहीं था। 26 मार्च को घटना वाले दिन जब दोनों हत्यारे दीपक भारद्वाज की हत्या कर हाथों में पिस्टल लहराते पैदल गेट की तरफ भाग रहे थे, और कार चालक कार गेट तक लाया था, तब दोनों शूटरों व कार की तस्वीर गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस की कई टीम मामले की छानबीन कर ही रहीं थी कि सिपाही ने पांच घंटे के अंदर आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज एक महिला पत्रकार को पेन ड्राइव से मुहैया करा दी थी। इससे पहचान उजागर होने से हत्यारे भूमिगत हो गए थे। इस कारण पुलिस को इन्हें पकड़ने में परेशानी आई।





