सुर्खियों के भूखे हैं जस्टिस काटजू?

भारतीय प्रेस परिषद यानी प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की अपनी एक भूमिका है और इसका काम प्रेस की स्वतंत्र को बरकरार रखना है. ये एक किस्म की निगरानी संस्था है. मैं भी इसका सदस्य रहा हूं. हालांकि आजकल ये अन्य वजहों से सुर्खियों में है. दरअसल इसके अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू को अपनी सीमाएं नहीं भूलनी चाहिए. हर मुद्दे पर आप उनके बयान देख सकते हैं. कहीं बयान दे रहे हैं, तो कहीं लिख रहे हैं.

वो अच्छे इंसान हैं और ईमानदार भी हैं लेकिन उन्हें हर किसी मुद्दे पर बयान दागने से बचना चाहिए. प्रेस परिषद के अध्यक्ष को राजनीतिक बयानबाजी से गुरेज बरतना चाहिए. असल में जस्टिस काटजू सुर्खियों में रहना चाहते हैं. ऐसे में प्रचार पाने के लिए वो खो से जाते हैं. ये बात गलत है. राजनीति से घालमेल नहीं करना चाहिए. एक जगह मैं भी मौजूद था, तो उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर समस्या को हल करना है तो भारत और पाकिस्तान को एक होना पड़ेगा. प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष की तरफ से इस तरह का बयान क्या जिम्मेदारी भरा बयान माना जा सकता है.

अब राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली से भी वो उलझ गए हैं. वो 90 फीसदी भारतीयों को मूर्ख भी कह चुके हैं. ये बातें इतनी एकतरफा और गैरजिम्मेदारना हैं कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए, वो कम है. कुछ लोग तो ये आरोप भी लगाते हैं कि वो गैर कांग्रेस शासित राज्यों को ज्यादा निशाना बनाते हैं. लेकिन मैं इस बात को पूरी तरह नहीं कह सकता हूं कि क्योंकि मैं प्रेस परिषद का सदस्य नहीं हूं. वो विवादास्पद रहे हैं, लेकिन उन्हें अब ये बात सोचनी चाहिए कि उन पर क्यों उंगलियां उठ रही हैं. वो विचार करें कि उन्हें अब सीमा में रहने की जरूरत है.

वरिष्‍ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का यह लेख बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह से बातचीत पर आधारित है.

आपरेटरों ने बीबीसी चैनल दिखाना बंद किया

पाकिस्तान में केबल ऑपरेटरों ने बीबीसी के अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ को 'ब्लॉक' करना शुरु कर दिया है यानी कई शहरों में अब ऑपरेटर अब इस चैनल को नहीं दिखा रहे हैं. संवाददाताओं का कहना है कि पाकिस्तान के अधिकतर शहरों में बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ को देखना संभव नहीं है और संभावना है कि इस प्रतिबंध को बुधवार तक ग्रामीण इलाक़ों में भी लागू कर दिया जाएगा. ऑपरेटरों का कहना है कि ये क़दम बीबीसी की टीवी डॉक्यूमेंटरी 'सीक्रेट पाकिस्तान' को प्रसारित किए जाने के बाद उठाया गया है.

ऑल पाकिस्तान केबल ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को घोषणा की कि बुधवार से जो भी विदेशी चैनल 'पाकिस्तान विरोधी' कार्यक्रम दिखाएँगे उनको दिखाना बंद कर दिया जाएगा. केबल ऑपरेटरों की संस्था ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (पेमरा) से कहा – "यदि विदेशी चैनल देश के लिए नुक़सानदेह जानकारी प्रसारित करते पाए जाते हैं तो उनके लैंडिंग राइट्स यानी ऑपलोडिंग और प्रसारण के अधिकार रद्द कर दिए जाएँ."

बीबीसी के प्रवक्ता ने कहा, "हम ऐसी हर कार्रवाई की निंदा करते हैं जो हमारी संपादकीय स्वतंत्रता पर अंकुश लगाती है और हमारी निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ सर्विस को जनता तक पहुँचने से रोकती है. हम आग्रह करेंगे कि बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ और अन्य अंतरराष्ट्रीय चैनलों को दोबारा जनता तक पहुँचने दिया जाए." बीबीसी की डॉक्यूमेंटरी 'सीक्रेट पाकिस्तान' में पाकिस्तान की तालिबान के चरमपंथ से लड़ने की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए गए हैं.

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों के अधिकारियों के हवाले से इसमें पाकिस्तान के कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए हैं कि एक ओर वे सार्वजनिक तौर पर अमरीका के सहयोगी होने का दावा करते हैं और दूसरी ओर वे ख़ुफ़िया तरीके से अफ़ग़ानिस्तान के तालिबान के हथियार और प्रशिक्षण देते हैं. ग़ौरतलब है कि हाल में पाकिस्तान में अफ़ग़ान सीमा के पास नाटो सैनिकों के हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तानी मीडिया में चल रही आलोचनाओं के बीच बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ को ब्लॉक करने का फ़ैसला लिया गया है. साभार : बीबीसी

भारत समेत तीन नए संस्‍करण लांच करेगा बीबीसी डॉट कॉम

अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यूज वेबसाइट बीबीसी डॉट कॉम भारत समेत तीन नए संस्‍करण लांच करने जा रही है. भारत के अलावा एशिया एवं आस्‍ट्रेलिया-न्‍यूजीलैंड संस्‍करण लांच किए जाने की योजना है. इन तीनों वेबसाइटों पर उन स्‍थानीय खबरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो इन वेबसाइट के पाठकों की जरूरत और दिलचस्‍पी की होगी. तीनों वेबसाइटों पर सूक्ष्‍म एवं गहरे विश्‍लेषण, ब्रेकिंग न्‍यूज, बिजनेस की खबरों और फीचर एवं रिपोर्ट को भी प्रमुखता दी जाएगी. 

इसके अलावा इन वेबसाइटों पर खेल, यात्रा, मौसम समेत अन्‍य खबरें भी रहेंगी. स्‍थानीय पत्रकारों द्वारा उपलब्‍ध कराए गए दिचलस्‍प फीचर और वीडियो कंटेंट को भी प्रकाशित किया जाएगा. वेबसाइट को इन देशों में स्‍थानीय स्‍तर पर मजबूत करने के लिए एशिया-पै‍सेफिक में एक नई टीम गठित की है. बीबीसी ने खबरों के लिए टीवी स्‍पेश में भी निवेश किया है. कार्यवाहक मैनेजिंग डायरेक्‍टर क्रिस डेविस का कहना है कि एक करोड़ दस लाख से ज्‍यादा पाठक हर महीने बीबीसी पर आते हैं. हम नए बेवसाइट लांच करके इन पाठकों को और बेहतर कंटेंट उपलब्‍ध कराने के साथ नए पाठक जुड़ने की भी उम्‍मीद कर रहे हैं. 

चोली खुलने के मामले में कोर्ट ने दी चैनल को राहत

अमरीका की एक अपील अदालत ने फ़ैसला दिया है कि चर्चित पॉप स्टार जैनेट जैक्सन की चोली खुलने के मामले में टीवी नेटवर्क पर जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए. सात साल पहले एक लाइव टीवी प्रसारण के दौरान जैनेट जैक्सन की चोली क्षण भर के लिए खुल गई थी. इस लाइव प्रसारण को लाखों लोगों ने टीवी पर देखा था. इसके बाद सरकार ने लाइव प्रसारण करने वाले टीवी नेटवर्स सीबीएस पर पाँच लाख डॉलर का जुर्माना लगाया था. अदालत के ताज़ा फ़ैसले के बाद सीबीएस नेटवर्क ने अपील अदालत का आभार व्यक्त किया है.

घटना : सात साल पहले एक सुपर बोल फ़ुटबॉल मैच के दौरान हाफ़ टाइम में पॉप स्टार जैनेट जैक्सन और जस्टिन टिम्बरलेक कार्यक्रम पेश कर रहे थे. इसी दौरान टिम्बरलेक के हाथ से जैनेट जैक्सन की चोली खुल गई. जैनेट जैक्सन ने इसे एक हादसा बताया, तो टिम्बरलेक ने इसे कपड़ों की गड़बड़ी कहा. लेकिन कई लोगों ने ये आरोप लगाए कि जैनेट जैक्सन ने जान-बूझकर अपना वक्ष दिखाया था. इस घटना के बाद काफ़ी हंगामा मचा था और कई लोगों ने लिखित शिकायत भी की थी. सीबीएस नेटवर्क ने लोगों से माफ़ी तो मांग ली थी, लेकिन अमरीका की प्रसारण संबंधी नियामक संस्था एफ़सीसी ने अश्लीलता के मामले में नेटवर्क पर ये भारी जुर्माना लगा दिया था. साभार : बीबीसी

बीबीसी अपने एंकरों को सिखा रहा महारानी के निधन की घोषणा करने का सलीका

लंदन। बीबीसी इन दिनों अपने सभी समाचार प्रस्तोताओं को ब्रिटेन की महारानी का निधन होने की सूरत में उनकी मृत्यु की घोषणा किस प्रकार की जाए, इसका प्रशिक्षण दे रहा है। वर्ष 2002 में राजमाता के निधन की घोषणा के तौर तरीकों को लेकर बीबीसी को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। वरिष्ठ समाचार वाचक पीटर सिसोन स्लेटी रंग के सूट और मैरून रंग की टाई लगाकर स्क्रीन पर राजमाता के निधन की घोषणा करने चले गए थे।

इस बार भी इसी प्रकार की फजीहत से बचने के लिए समाचार प्रस्तोताओं को महारानी ऐलिजाबेथ द्वितीय के निधन की घोषणा करने के संबंध में प्रशिक्षित किया जा रहा है। दी संडे टाइम्स समाचारपत्र ने यह जानकारी दी है। बीबीसी के कालेज आफ जर्नलिज्म में समाचार वाचकों को एक छद्म वीडियो दिखाया जा रहा है जिसमें ह्यू एडवर्ड महारानी ऐलिजाबेथ द्वितीय के निधन की घोषणा कर रहे हैं।

दैनिक ने एक बीबीसी सूत्र के हवाले से बताया कि सभी समाचार संगठनों की तरह बीबीसी भी योजना बनाकर काम करता है। हम कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जाती है। दैनिक ने लिखा है कि अलमारी में सादगीपूर्ण कपड़ों का सेट रखा रहता है ताकि इस प्रकार की घोषणा करने के लिए समाचार प्रस्तोता उन्हें तुरंत पहन सकें। साभार : ओआईएच

बीबीसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी पाकिस्‍तानी सेना!

पाकिस्तान की सेना बीबीसी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है. मामला बीबीसी की उस डॉक्यूमेंट्री का है, जिसमें सेना और ख़ुफ़िया एजेंसी पर अफ़ग़ानिस्तान के चरमपंथियों की मदद का आरोप लगाया गया है.

सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए सबूतों को ख़ारिज किया, जिसमें बताया गया था कि पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान में गुप्त रूप से चरमपंथियों को प्रशिक्षण और हथियार दे रहा है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अमरीकी और पश्चिमी देशों के अधिकारियों के आरोप आधारहीन हैं. साभार : बीबीसी 

बीबीसी बंद करेगा इन हाउस मैगजीन ‘एरियल’

बीबीसी अपने कास्‍ट कटिंग योजना के अंतर्गत साप्‍ताहिक इन हाउस मैगजीन 'एरियल' का प्रकाशन बंद करेगी. अब यह पत्रिका दिसम्‍बर से ऑनलाइन उपलब्‍ध रहेगी. बीबीसी वेबसाइट पर पोस्‍ट एक ब्‍लॉग में संपादक कैनडिडा वाटसन, जो खुद अपना पद खो चुके हैं, ने लिखा है कि बचत कटौती की जद में यह पत्रिका आ चुकी है.

बीबीसी एरियल का प्रकाशन पिछले 75 वर्षों से कर रहा था. यह इन हाउस पत्रिका बीबीसी के स्‍टाफ के लिए उनकी शिकायतों को आवाज देने का काम कर रही थी. खासकर इसका पत्र पेज पत्रकारों की समस्‍याओं, परेशानियों को सामने लाता था. बीबीसी ने घोषणा की है कि इस साप्‍ताहिक मैगजीन का आखिरी प्रकाशन इस साल दिसम्‍बर के लास्‍ट में होगा. उल्‍लेखनीय है कि बीबीसी ने इस मैगजीन के संपादक पद के लिए जुलाई 2009 में विज्ञापन निकाला था, जब एंड्रू हार्वे ने आठ साल इस पद पर रहने के बाद इस्‍तीफा दे दिया था.