बिना सवाल का साक्षात्कार

तमाम कोशिशों और कई दिन के इंतजार के बाद श्रीमती उज्ज्वला शर्मा से इंटरव्यू का दिन, समय और जगह तय हो पाये थे। यह बात रही होगी सन् 2012 के मध्य किसी महीने की। जगह थी दक्षिणी दिल्ली में उज्जवला शर्मा का घर। समय दोपहर बाद यही कोई 3 बजे का रहा होगा। मुझे बात करनी थी डॉ. उज्ज्वला शर्मा से। बातचीत का मुद्दा था उज्ज्वला शर्मा और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी के बीच रहे निजी-संबंधों पर।

नभाटा में संजीव सक्सेना की खबर में संजीव भट्ट की फोटो

पत्रकारिता। यानि लोकतंत्र का चौथा खंभा। चौथा खंभा। यानि जिस पर गिर जाये, उसे कहीं का न छोड़े। मतलब। न जीने में और न मरने में। हां आज की पत्रकारिता का यही सच है। मैं भी इसी पत्रकारिता की कौम का कीड़ा हूं। मेरी तो गिनती कहीं नहीं होगी, उन बड़े-बड़े कीड़ों के सामने जिन्होंने, जिंदगी भर करा-धरा कुछ नहीं। समय गुजरा तो जबरदस्ती बैठ गये हैं, घेरकर "मठाधीश" की कुर्सी पर। हम पुराने हैं, इसलिए हमारे सामने, तुम (पत्रकारिता में आज की या मौजूदा पीढ़ी) कुछ नहीं हो, का राग अलापने।

वे एजुकेटेड हैं और परखने के बाद शादी कर रही हैं : बिट्टा कराटे

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ-आर) के चेयरमैन और पूर्व आतंकवादी फारुख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे घर बसाने जा रहे हैं। माशूका के साथ। 1990 के दशक में कश्मीर घाटी में खौफ का दूसरा नाम रहे बिट्टा करीब 16 साल देश की तमाम जेलों में रहे हैं। जम्मू में जेल तोड़कर भागने की कोशिश का मामला अभी भी बिट्टा कराटे पर चल रहा है।

वे एजुकेटेड हैं और परखने के बाद शादी कर रही हैं : बिट्टा कराटे

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ-आर) के चेयरमैन और पूर्व आतंकवादी फारुख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे घर बसाने जा रहे हैं। माशूका के साथ। 1990 के दशक में कश्मीर घाटी में खौफ का दूसरा नाम रहे बिट्टा करीब 16 साल देश की तमाम जेलों में रहे हैं। जम्मू में जेल तोड़कर भागने की कोशिश का मामला अभी भी बिट्टा कराटे पर चल रहा है।