यशभारती से सम्‍मानित गाजीपुर के पत्रकार विजय बाबू का निधन

पूर्वान्चल के वयोवृद्ध पत्रकार विजय कुमार का बुधवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।पत्रकार विजय कुमार प्रदेश सरकार की ओर से यशभारती सम्मान से सम्मानित थे।बेहद सरल स्वभाव के विजय कुमार जी ने समाचारपत्र राष्ट्रीय सहारा,दैनिक आज,जनवार्ता समेत कई पत्र पत्रिकाओं मे बतौर पत्रकार अपनी सेवाएं दी थी।

ग्रामीण परिवेश से लगाव रखने वाले विजय कुमार ने हमेशा अपने जनपद गाजीपुर मे ही रहकर काम किया।ग्रामीण अंचलों की खबरो को प्रमुखता देने वाले विजय कुमार ने कई बड़े समाचार पत्रों मे महत्वपूर्ण पदो को ठुकराते हुये आजीवन गाजीपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के मद्देनजर अपनी लेखनी को केन्द्रित रखा। लंबे अर्से तक पत्रकारिता जगत से जुड़े रहे विजय कुमार अपने अंतिम समय तक नये पत्रकारों को प्रोत्साहन देने मे जुटे रहे।गाजीपुर के पत्रकारिता जगत की दो पीढ़ियां विजय बाबू की बेबाक लेखनी की गवाह हैं।पिछले कुछ दिन पहले ही उन्होने हार्निया का आपरेशन कराया था और तबियत बिगड़ने पर उन्हे इलाज के लिये वाराणसी ले जाया जा रहा था कि रास्ते मे ही उनकी मृत्यु हो गयी।उनके निधन की खबर मिलते ही पत्रकारिता जगत मे शोक की लहर दौड़ गयी।गाजीपुर के बड़ीबाग स्थित उनके निवास पर पहुंच कर बड़ी संख्या मे पत्रकारो ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।विजय बाबू पत्रकारिता के साथ साथ राजनीति और समाजसेवा मे भी लगातार सक्रिय रहे।उन्होने विधानसभा का चुनाव भी लड़ा।यशभारती से सम्मानित विजय कुमार को पत्रकारिता मे उनके उल्लेखनीय कार्य के चलते गाजीपुर गौरव सम्मान से भी नवाजा गया था।

गाजीपुर से केके की रिपोर्ट.

वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार को पत्नी शोक

यशभारती से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार की पत्नी श्रीमती शारदा देवी का बुधवार की रात देहान्त हो गया। श्रीमती शारदा देवी लम्बे अरसे से हृदय रोग से पीड़ित थीं और पिछले दिनों उनकी बाईपास सर्जरी भी हुई थी। श्रीमती शारदा देवी ने गाजीपुर शहर के बड़ीबाग स्थित अपने आवास पर अन्तिम सांस ली। वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार की धर्मपत्नी के निधन से जिले के साहित्य और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। विजय कुमार की पत्नी के निधन के बाद जिले के तमाम बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और पत्रकारों ने शोक संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत श्रीमती शारदा देवी की आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से कामना की है। बेहद मृदु स्वभाव की श्रीमती शारदा देवी अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके निधन पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन की ओर से शोक सभा कर श्रीमती शारदा देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।— गाजीपुर से के.के.की रिपोर्ट

गाजीपुर गौरव से नवाजे गए विजय बाबू

वरिष्‍ठ पत्रकार विजय कुमार को साहित्‍य चेतना समाज ने गाजीपुर गौरव के सम्‍मान से नवाजा। हजारों लोगों की भीड ने उस समय तालियों की गडगडाहट से 81 वर्षीय विजय बाबू के प्रति सम्‍मान का इजहार किया जब यशभारती पुरस्‍कार से सम्‍मानित मूर्धन्‍य साहित्यकार डा0 विवेकी राय, पूर्व कुलपति डा0 अच्‍युतानन्‍द मिश्र एवं प्रो0 सत्‍यमित्र दूबे ने उन्‍हें अंगवस्‍त्रम, माला व प्रशस्ति पत्र दिया। साहित्‍य चेतना समाज का यह वार्षिक सम्‍मेलन गाजीपुर में आयोजित किया गया । कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा0 अच्‍युतानन्‍द मिश्र थे। जिन्‍होने अपने सम्‍बोधन में विजय कुमार को पूर्वान्‍चल व प्रदेश के यशस्‍वी पत्रकारों में से एक बताया और कहा कि इनकी कलम तो हमेशा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ व उत्‍थान-प्रगति के लिये चली है। इनमें मैं हमेशा एक युवा की तस्‍वीर देखता हूं। अध्‍यक्षता कर रहे डा0 विवेकी राय ने कहा कि विजय बाबू चक्रवर्ती हैं और आज सैकडों हाथों ने इन्‍हें सम्‍पूर्ण आदर के साथ माला पहनाकर यह खिताब दिया है। उ०प्र० के अतिरिक्‍त उर्जा राज्‍य मंत्री स्‍वतंत्र प्रभार विजय मिश्र ने कहा कि विजय बाबू को गाजीपुर गौरव का पुरस्‍कार देने से गाजीपुर का गौरव बढा है। गाजीपुर गौरव से सम्‍मानित प्रसन्‍नता से अविभूत विजय बाबू ने कहा कि हम वैसे भी गाजीपुर के लोगों के ए‍हसान से दबे थे और आज पुन: जो एहसान लाद दिया गया है, मैं प्रयास करूंगा कि उसे उतार पाऊं । कार्यक्रम में दूर-दूर से आये तमाम पत्रकारों व साहित्यकारों के साथ साथ संस्था के पदाधिकारी और गण मान्य लोग शामिल हुए। – गाजीपुर से केके की रिपोर्ट, 9415280945