भड़ास4मीडिया फिर टॉप पर, अंग्रेजी की दिग्गज वेबसाइटों को भी पछाड़ा

अपने जन्म के समय से ही देश के मीडिया जगत में हलचल मचाने वाली वेबसाइट भड़ास4मीडिया डाट काम bhadas4media.com ने एक बार फिर हिंदी-अंग्रेजी सभी मीडिया वेबसाइटों में नंबर वन की पदवी हासिल कर ली है. किसी भी हिंदी मीडिया वेबसाइट का भड़ास से कभी मुकाबला नहीं रहा. भड़ास बाकियों से कई गुना आगे रहा है और है. अंग्रेजी की कई स्थापित वेबसाइटों को पहले भी भड़ास ने पछाड़ा और फिर पछाड़ कर नंबर वन मीडिया वेबसाइट का स्थान हासिल कर लिया.

हड़ताल के चलते नहीं हुई सुनवाई, अब 25 अगस्त को होगी

भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह के मामले की सुनवाई 17 अगस्त को नहीं हो सकी. इस दिन वकीलों की हड़ताल के कारण कोर्ट की कार्यवाही नहीं हो सकी. अब इसकी सुनवाई 25 अगस्त को होगी. इससे पहले विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोर्ट ने यशवंत सिंह को जमानत दे दी है. फिलहाल दैनिक जागरण द्वारा लगाए गए मामले में जमानत होनी बाकी है. जागरण ने भी यशवंत सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था.

पिता को न घसीटें, लिखें कि जांच में कुछ न मिला : स्वतंत्र मिश्रा

सहारा मीडिया के हेड स्वतंत्र मिश्रा ने अपने और अपने पिता के बारे में भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित खबर व दस्तावेजों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है. हालांकि स्वतंत्र मिश्रा और उनके कई लोगों ने भड़ास4मीडिया को बार-बार फोन कर इस खबर को रोक दिए जाने की बातें तरह-तरह के तरीकों से कहीं पर भड़ास4मीडिया का सबसे यही कहना था कि खबर नहीं हटाएंगे क्योंकि खबर के नाम पर कुछ लाइनें हैं, बाकी सब दस्तावेज हैं.

पागल समय में डीडी मिश्र जैसा स्वस्थ होने का मतलब

संभव है डीडी मिश्र जो कुछ कह बोल कर गए, उसे अब आगे न बढ़ाएं. संभव है वे चुप हो जाएं. संभव है वे यूपी सरकार व अपने घर-परिवार के दबाव में आकर नौकरी-पेंशन-रिटायरमेंट-सुरक्षा-दुनियादारी आदि के कारण परमानेंट चुप्पी साधे रहें. लेकिन इससे वो कमतर नहीं हो जाता जो डीडी मिश्र के बयान के जरिए सामने आया. एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर सिस्टम के परम करप्ट हो जाने और दबावों-अराजकताओं के कारण उबल पड़ता है.