ये दुनिया
एक कहावत बड़ी मशहूर है.. लीक छोड़ तीनों चले.. शायर, शेर, सपूत.. मतलब साफ है. शायर, शेर और सपूत तीनों बनी बनायी लीक पर...
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एक कहावत बड़ी मशहूर है.. लीक छोड़ तीनों चले.. शायर, शेर, सपूत.. मतलब साफ है. शायर, शेर और सपूत तीनों बनी बनायी लीक पर...
भोपाल। देवपुत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार कृष्णकुमार अष्ठाना का कहना है कि मातृभाषाओं को सम्मान दिए बिना राष्ट्रीय अस्मिता बचाई नहीं जा सकती।...
बहुत सारे कहानीकार अपनी कहानियों में खुद को ‘हीरो‘ बनाते हैं। लेकिन शिवमूर्ति अपनी कहानियों में खुद को हीरो नहीं बनाते। हाँ, उन की...
: ‘मातृभाषा में शिक्षा और संचार’ विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का प्रारंभ : भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति...
रिजर्व बैंक के आर्थिक आय-व्यय के सर्वे में खुलासा हुआ है कि भारत के हर नागरिक पर 30 हजार का कर्ज है और जन्म...
गंगा को बचाने के लिए शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती के नेतृत्व में अभियान अब राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरुप लेता दिख रहा है। सरकार से मिली...
गोरखपुर : विगत दिनों छात्रसंघ चौराहे पर बदमाशों द्वारा की गयी अंधाधुंध फायरिंग में घायल हुए 11 वर्षीय बालक रवि को गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन...
भारतीय प्रेष परिषद के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू की वजह से कुछ दिनों पहले ही विवाद में आई बिहार की मीडिया ने एक बार फिर...
तेजी से बदलते प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम से ऐसा आभास हो रहा है कि हिमाचल में चुनावी रणभेरी बज चुकी है और सेनाओं को...
हाल ही में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने मीडिया को फिर निशाने पर...
बाबा रामदेव की संसद एवं सांसदों के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणी, जहां उनकी छोटी सोच और मानसिकता को ले कर हो हल्ला मचा...
हमारे सेना प्रमुख जनरल विजय कुमार सिंह 31 मई के बाद क्या करेंगे। वे वह सब करने के लिए स्वतंत्र हैं, जो प्राय: सभी...
: पुण्य तिथि पर स्मरण : कैफ़ी आज़मी को गए १० साल हो गए. अवाम के शायर कैफ़ी इस बीच बहुत याद आये लेकिन...
वर्तमान समय में वास्तविक जीवन पर बनी फिल्में बाक्स आफिस पर धूम मचा रहीं है। जिससे निर्माता वास्तविक जीवन पर फिल्म बनाने को लेकर...
लखनऊ। अपसंस्कृति के विरुद्ध तथा लोक संस्कृति के जन सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्द्धन के लिए पिछले 2008 से जन संस्कृति मंच के सहयोग से...
: बस्तर में आठ हजार हेक्टयर में फैली लोहे ही खदानें निजी कंपनियों को : पांचवीं अनुसूची पेसा कानून और समता के निर्णय की...
पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता के मायने बदलने लगे हैं। पत्रकारों की खाल पहने बनिया हर तरफ फैलते जा रहे हैं। पुराने खालिस पत्रकार...
भोजपुरी संगीत की दुनिया में आज न तो पत्रकार कमलेश सिंह नया नाम हैं और ना ही उनकी कंपनी माईलस्टोन म्यूजिक। माईलस्टोन का भक्ति...
: कई पत्रकार किए गए सम्मानित : लखनऊ। देवर्षि नारद के चौरासी सूत्र वस्तुत: पत्रकारिता के शाश्वत सिद्धान्त हैं। इनसे प्रेरणा लेकर मीडिया जगत...
नई दिल्ली. संस्कृति मंत्रालय के काम काज के बारे में संसद की स्थायी समिति की 175वीं रिपोर्ट आज संसद के दोनों सदनों में पेश...