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दरअसल ये विडम्बना है कि नीतीश कुमार जैसे व्यक्ति पर मीडिया को मैनेज करने का आरोप लग रहा है. मैं उनका कायल भी हूँ....
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दरअसल ये विडम्बना है कि नीतीश कुमार जैसे व्यक्ति पर मीडिया को मैनेज करने का आरोप लग रहा है. मैं उनका कायल भी हूँ....
हमने तो ढोर डंगरों से अंग्रेजी सीखी! हमारे बच्चों के मुकाबले हम खुशकिस्मत जरूर हैं कि हमें सिब्बल समय में निजी ग्लोबल विश्व विद्यालयों...
शिक्षा धन की मोहताज नहीं है, इस जुमले को साकार करने के लिए पत्रकार और समाजसेवी योगेश त्रिपाठी बैंकिग की तैयारी कर रहे छात्रों...
There is hot debate going on in the media regarding rights of the media in subjudice matters and to what extent media should report...
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. इस लोकतंत्र का सबसे बड़ा निशान भारत की संसद है. एक अजीब बात है कि संसद के...
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों की रफ्तार थमने से मुंबई बेहाल है। लेकिन लगता है सरकार को लोगों की परेशानी से...
: अपने गिरेबां में भी तो झांकिये : निर्मल बाबा महान हैं या गिरे हुये इन्सान, यह तो वही बता सकता है जो उनके...
जौनपुर : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में गुरुवार आयोजित इलेक्ट्रानिक मीडिया की चुनौतियाँ विषयक विशेष व्याख्यान में एक सहारा समय...
New Delhi : Broadcast Editors’ Association (BEA) has categorically told the constitution bench of the Supreme Court that it cannot frame guidelines for media...
आरबीआई ने बाजार की उम्मीद से ज्यादा रेपो रेट में कटौती की है। रेपो रेट 0.5 फीसदी घटकर 8 फीसदी हो गया है। आगे...
सिंगरौली : बैढ़न थाना परिक्षेत्र स्थित भकुआर निवासी एक पत्रकार के घर से चोरों ने आभूषण सहित लाखों का सामान चुरा लिया. पत्रकार ने...
फ़ारूख शेख के पास अब फ़िल्में लगभग नहीं हैं। शायद धारावाहिक भी नहीं। पर सत्तर और अस्सी के दशक में उन के पास फ़िल्में,...
सुल्तानपुर। माया सरकार की छवि इसलिए बदनाम हुई थी कि बेगुनाहों को भी जेल की सीखचों के पीछे भेज दिया जाता था। फरियादी कितनी...
दिल्ली नगर निगम के चुनावों में कांग्रेस की पराजय के लिए जहाँ कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की नीतियों...
मातमपुर्सी की जितनी मौलिक फुर्ती दुखीलाल को कुदरत ने बख्शी है उस जोड़ का दूसरा प्राणी इस पृथ्वी ग्रह पर तो क्या टोटल ब्रह्मांड...
जिसने खून-पसीने से सींचा इस देश को, सुख और भूख को भूल गया, जिसने इस धरती पर वो किया जिसे सदियों तक भुलाया नहीं...
ऐसे कितने ही लोग हैं जो अपने शहर, अपने राज्य का नाम रौशन करने के लिए क्या कुछ नहीं करते। जयपुर की ही एक...
भारतीय समाज में धर्म, जाति, लिंग पर आधारित घोर विषमताएं हैं, जो भारतीय समाज के विकास के साथ-साथ यहॉ के सामाजिक वातावरण में अत्यंत...
हिंदी के एक प्रिय कवि ने लिखा हैः दुनिया रोज बदलती है। १९९१ से सचमुच हम दुनिया को बदलते हुए देख रहे हैं रोज।...