अन्‍ना हजारे ने किया भरोसा का सौदा

राजीव शर्मा“जिस समिति में टूजी घोटाले को घोटला न मानने वाले कपिल सिब्बल और मोइली शामिल हों उस समिति की विश्वसनीयता को ऊपर वाला ही बचा सकता है। अन्ना हजारे ने गले में मरे हुए नहीं, जिंदा सांप डाल लिए हैं। समिति में पांच मंत्रियों के नाम पर सहमति से जाहिर होता है कि अन्ना भी जनसरोकार से ज्यादा समझौतावादी राजनीति में विश्वास करते हैं।