: ये हैं विजेता- अबू जफर, अनुपम त्रिवेदी, बाबा मायाराम, पणिनी आनंद, संगीता बरुआ पिसारोट्टी, के पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर, निवेदिता खांडेकर तथा रत्न भारली तालुकदार : दिल्ली की संस्था स्टडी आफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) ने देश भर के आठ पत्रकारों को एक्सक्लूसिव मीडिया फेलोशिप 2011 के लिए चुना है. इनमें तीन महिला पत्रकार भी शामिल हैं. फेलोशिप के अंतर्गत पत्रकारों को ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर संबद्ध विषयों पर रिपोर्ट तैयार करनी होगी.
इसके लिए प्रत्येक पत्रकार को डेढ़ लाख रुपये की फेलोशिप राशि प्रदान की जाएगी. सीएसडीएस ने प्रिंट तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों को ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर काम करने के लिए मीडिया फेलोशिप देने की घोषणा की थी. पत्रकारों से प्रोजेक्ट प्रपोजल के लिए 500 शब्दों का एक सिनोप्सिस मांगा गया था, जिनके टॉपिक्स और प्रोजेक्ट ग्रामीण जीवनस्तर, समस्याएं, वातावरण, पलायन, भूख, कुपोषण, स्वास्थ्य, प्राइमरी शिक्षा से संदर्भित थी. इस फेलोशिप के लिए तमाम पत्रकारों ने अपने आवेदन भेजे थे.
इस फेलोशिप के लिए आठों पत्रकारों का चयन पांच सदस्यीय जूरी ने किया, जिनमें कोबरा पोस्ट के एडिटर इन चीफ अनिरुद्ध बहल, इंडियन एक्सप्रेस की सीनियर एडिटर सीमा चिश्ती, एनसीपीआरआई के नेशनल कन्वीनर निखिल डे, राज्य सभा के एक्जीक्यूटिव एडिटर उर्मिलेश तथा प्रोफेसर योगेन्द्र यादव शामिल थे. फेलोशिप के लिए चयनित किए गए पत्रकारों में आईएएनएस के अबू जफर, हिंदुस्तान टाइम्स, देहरादून के अनुपम त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ पोस्ट के बाबा मायाराम, राजस्थान पत्रिका के पणिनी आनंद, द हिंदू की संगीता बरुआ पिसारोट्टी, पायनीयर के पुरुषोत्म सिंह ठाकुर, हिंदुस्तान टाइम्स, दिल्ली की निवेदिता खांडेकर तथा ईस्टर्न पैनोरमा की रत्न भारली तालुकदार शामिल हैं.












Anupam Trivedi
October 13, 2011 at 6:33 am
Tks sabhi dosto ka.
SHANKAR JALAN
October 13, 2011 at 11:07 am
बधाई हो
कुमार सौवीर, लखनऊ
October 14, 2011 at 7:23 pm
होना तो यह चाहिए कि जिन पत्रकारों को यह फेलोशिप दी गयी है, उनकी सिनॉप्सिस को भी प्रकाशित किया जाए।
ताकि पता चल सके कि जिन पत्रकारों को इसके लिए चुना गया है उन्होंने क्या खास परियोजना प्रस्ताव दिया। इससे होगा यह कि दूसरे पत्रकारों का मार्गदर्शन होगा और वे भविष्य में बेहतर परियोजना प्रस्ताव को नयी रणनीति के तहत तैयार कर सकेंगे।