निशंक के ओएसडी अशोक शर्मा को लीडरशीप अवार्ड

[caption id="attachment_18739" align="alignleft" width="90"]अशोक शर्मा अशोक शर्मा [/caption] डा. अशोक कुमार शर्मा को पीआर के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) सम्‍मानित करेगी. डा. शर्मा उत्‍तराखंड के सीएम के ओएसडी हैं. पीआरएसआई द्वारा लीडरशीप अवार्ड 2010 उन्‍हें पब्लिक रिलेशन प्रोफेशन में उत्‍कृष्‍ट एवं बेहतरीन योगदान के लिए दिया जा रहा है. उन्‍हें यह पुरस्‍कार कोलकाता में 16-18 दिसम्‍बर को होने वाले पीआरएसआई के 32वें नेशनल कांफ्रेंस में प्रदान किया जायेगा.

अपमानित ना होता तो खुद को पहचान नहीं पाता

अमर बड़े-बड़े आंदोलनों और बड़ी-बड़ी क्रान्तियों का जन्म अपमान की कोख से ही होता है. महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में अच्छे भले वकील थे और अपनी सफल वकालत की मजबूती के कारण प्रथम श्रेणी में यात्रा कर रहे थे, तभी किसी गोरे वर्ण के एक अंग्रेज ने उनके श्याम वर्ण पर टिप्पणी कर उन्हें फर्स्ट क्लास के डिब्बे से फिकवा दिया. फिर क्या था, रंगभेद के कारण हुए इस अपमान के विरुद्ध पिल पड़े गांधी जी ने अंग्रेज साम्राज्यवाद की चूलें भारत से उखाड़ फेंकी.

जो हुआ, उसे मैं कभी भूल नहीं सकता

आज बहुत दिनों बाद मैं आपलोगों को याद कर रहा हूँ… मुश्किल और कठिनाई भरी जिंदगी से निकलकर आपलोगों को याद कर रहा हूँ… मैंने जो जिंदगी जी है, वो भगवान किसी को न दे… एक ऐसी जिंदगी जिसमें मैंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया… उस समय ऐसा लग रहा था कि मैं अब इससे शायद बाहर नहीं आ पाउँगा पर हमेशा ऊपर वाले और खुद पर विश्‍वास करता था, हमेशा भगवान से यही कहता था कि मै अगर सही हूँ तो मुझे इस दुःख से आप ही निकालोगे… और हुआ भी ऐसा ही… सच्चाई की ही जीत हुई…