‘छतिग्रस्‍त’ और जागरण, भास्‍कर व पत्रिका

देश के तीन बड़े अखबार यानी दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण एवं पत्रिका में हिंदी के जानकारों की कमी होती दिख रही है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि इस कमी को आप उनकी वेबसाइटों में देख सकते हैं। इस पर पब्लिश होने वाली खबरों को लगता है कोई पढ़ना जरूरी नहीं समझता है। तभी तो इन लोगों को ‘छतिग्रस्त’ और ‘क्षतिग्रस्त’ के बीच में कोई अंतर नहीं लगता है।