संपादकों के सवाल और प्रधानमंत्री के जवाब

प्रधानमंत्री साथ लगभग सत्‍तर मिनट के प्रेस कांफ्रेंस में संपादकों ने अनेक सवाल पूछे कुछ तीखे- कुछ हल्‍के। संपादक रूपी जीव भी अब आम आदमी से कितना दूर जा चुका है, यह प्रेस कांफ्रेंस में देखने को मिला। इन महान संपादकों ने आम आदमी से जुड़ा एक सवाल नहीं पूछा। युवाओं के सबसे बड़े देश में बेरोजगारों के लिए क्‍या कदम उठाया जा रहा है, किसी का ध्‍यान नहीं गया। कर्ज में डूबा किसान आत्‍महत्‍या कर रहा है, महंगाई आम आदमी को लील रही है, ऐसे सवाल हाशिए पर रहे। नीचे आप भी पढि़ए संपादकों के सवाल और पीएम के जवाब।