दुख-दर्द लौट आओ मनेन्द्र, चाय पीने चलेंगे नई सदी का नया सवेरा नया वर्ष, नया उत्साह, नया हर्ष, नई उम्मीदें, आशा की नई किरण. जो कल था वो आज नहीं रहा,... bhadas4media.comJanuary 4, 2011
हलचल पत्रकारिता कॉलेज खा गया छात्रों का पैसा! को खां क्या चल रिया हेगा? केन लगे, कन्ने कट गए, सर पर दे रिया हे मिला मिला के... झीलों की नगरी भोपाल का... bhadas4media.comNovember 25, 2010