क्‍या यही है भास्‍कर की पत्रका‍रिता का स्‍टैंडर्ड!

आखिर, मीडिया ऐसा क्यों है। सूचनाओं और समाचारों को सलीके से प्रस्तुत करना तो शायद हम भूल ही गए हैं। पिछले दिनों दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर एक खबर पढ़ी ‘बाबा रामदेव ने खुद को बताया भगवान राम और महात्मा गांधी’। हेडिंग के नीचे मैटर भी पढ़ा। लेकिन मुझे बाबा रामदेव के बयान से ऐसा कुछ कहने की बू नहीं आई। खबर में रामदेव के हवाले से लिखा गया है- ‘मैं तो वही कर रहा हूं जो महात्मा गांधी और भगवान राम ने किया था। जब भगवान राम को नहीं बख्शा गया तो वे मुझे कैसे छोड़ सकते हैं।’