”नवभारत के श्‍याम पाठक ने हम पांचों के साथ धोखा किया है”

यशवंतजी, मेरा नाम मनोज कुशवाहा है. मैं, रामब्रजेश पाल, शैलेंद्र झा, टीएन नकवी और भारत सिंह भूषण दिल्‍ली से प्रकाशित हो रहे एक दैनिक अखबार में काम करते थे. नवभारत, ग्‍वालियर का डीटीपी स्‍टाफ वेतन को लेकर 15 दिन का हड़ताल किया और अखबार छोड़कर भोपाल चला गया. इसके बाद 9 सितम्‍बर को नवभारत, ग्‍वालियर के संपादक श्‍याम पाठक का फोन हमारे पास आया.