जागरण के इंचार्ज को कुछ ज्‍यादा ही बड़ा ‘डग्‍गा’ मिल गया क्‍या!

दैनिक जागरण के लखनऊ संस्करण में नये साल के पहले दिन यानी 01 जनवरी, 2011 के अंक के पृष्ठ संख्या चार के पहले कालम ‘एक नजर’ के अन्तर्गत प्रकाशित संक्षिप्त खबरों में ‘प्रतियोगिता’ व ‘पुरस्कार’ शीर्षक से प्रकाशित दोनों खबरें एक ही हैं। यह खबर दो बार क्यों लगायी गयी, क्या जागरण के पास खबरों का अकाल हो गया है अथवा इस पेज के इंचार्ज को कुछ ज्यादा ही बड़ा ‘डग्गा’ मिल गया है।