अन्‍ना हजारे ने किया भरोसा का सौदा

राजीव शर्मा“जिस समिति में टूजी घोटाले को घोटला न मानने वाले कपिल सिब्बल और मोइली शामिल हों उस समिति की विश्वसनीयता को ऊपर वाला ही बचा सकता है। अन्ना हजारे ने गले में मरे हुए नहीं, जिंदा सांप डाल लिए हैं। समिति में पांच मंत्रियों के नाम पर सहमति से जाहिर होता है कि अन्ना भी जनसरोकार से ज्यादा समझौतावादी राजनीति में विश्वास करते हैं।

चीन की प्याज बनाएगी भ्रष्‍ट और बीमार भारत

राजीवप्याज हवा है…नहीं। प्याज पानी है…नहीं। प्याज ऊर्जा है…नहीं। प्याज धरती है…नहीं। प्याज आसमान है… नहीं। तो फिर प्याज में ऐसा क्या है…? हम अपनी गैरत को भूल कर दो टके के पाकिस्तान और दोगले-दगाबाज चीन से प्याज मांग कर खाना चाहते हैं। प्याज के स्वाद की खातिर हम भूल रहे हैं कि चीन लेह और त्वांग पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। क्या हम भूल रहे हैं कि गुलाम कश्मीर में अपनी फौजें भेजकर चीन हमारे खिलाफ पाकिस्तान को मजबूत कर रहा है। हम उसी चीन की प्याज को अपनी थाली में सजा रहे हैं, जो ब्रह्मपुत्र पर बांध बना कर हमारी जमीनों को बंजर बना देना चाहता है।

हिंदुस्तान की परंपरा- मरने वाला महान था

राजीवमहान था तो वो जीते-जी भी रहा होगा…अगर जीते जी महान कहते तो क्या वो महानता का टैक्स मांग लेता…? अतुल माहेश्वरी को जानने वाले पत्रकार प्राणियों की संख्या हजारों में न हो लेकिन सैकड़ों में तो है ही, इसमें कोई शक भी नहीं। कुछ बहुत नजदीक से तो कुछ दूर से उन्हें जानते रहे होंगे। अतुल माहेश्वरी के निधन से पहले कभी किसी पत्रकार प्राणी ने न कोई अफसाना लिखा और न ही फलसफा या फसाना। …आज झड़ी लगी हुई है, क्या इन सभी को इसी दिन का इंतजार था?