बिलासपुर में भास्‍कर के पत्रकार सुशील की गोली मारकर हत्‍या

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में बीती रात दैनिक भास्कर के पत्रकार सुशील पाठक की अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी। सुशील दैनिक भास्कर में प्रांतीय डेस्क के प्रभारी थे तथा प्रेस क्लब के सचिव भी थे। सरकंडा इलाके के चटर्जी गली में उनका निवास था, उनकी हत्या निवास के पास ही की गई, जब वे आफिस से घर लौट रहे थे। हत्या किस वजह से की गई है या किन लोगों ने सुशील की हत्या की है, इसका पता अब तक नहीं लग पाया है।

जिन्‍हें शर्म आनी चाहिए, उन्‍हें नहीं आ रही है

: काजल की कोठरी मीडिया : काजल की कोठरी में दाग लागे ही लागे। देश का मीडियातंत्र भी अब काजल की कोठरी की तरह हो गया है, जहां पत्रकार की विश्वसनीयता पर दाग नहीं, तो छींटे जरूर पड़ेंगे। अब जब नीरा राडिया केस ने दाग लगे चरित्रवान पत्रकारों के चेहरों को उजागर कर दिया है, तो पत्रकारिता ऐसे दौर से गुजर रही है जहां कालिख पुते चेहरों को देखकर कई लोग शर्म महसूस कर रहे हैं, मगर जिन्हें शर्म आनी चाहिए, उन्हें नहीं आ रही है। क्योंकि बड़े मीडियामैन बनने के पहले सबकुछ ताक पर रख आए थे, तो जब शर्म उनके पास बची ही नहीं, फिर शर्माने से की गुंजाइश कहां?

राखी के इंसाफ ने उसे मार डाला!

राखी आखिर वह हो ही गया, जिसकी कुछ-कुछ कल्पना हमने की थी। दो दिन पहले ही हमने एनडीटीवी इमेजिन पर दिखाए जा रहे शो राखी का इंसाफ पर लिखा था- राखी का इंसाफ या कानून का मजाक। जैसा कि अनुमान था कि इस तरह इंसाफ से किसी न किसी को खासा नुकसान होना ही था, वह हो गया। बुंदेलखंड के झांसी क्षेत्र के राजगढ़ से इंसाफ मांगने आए शख्स लक्ष्मण को शो पर जितनी बेईज्जती मिली, उसने जिंदा रहने की बजाय मौत को गले लगाना ही उचित समझा।