राडिया से रार क्‍यों!

शिशु शर्मा पूरा पत्रकार जगत, कारपारेट जगत, पूरा राजनैतिक क्षितिज राडिया की दलाली में खुलासे से लाल-पीला हो रहा है। ऐसा लग रहा है, जैसे राडिया ने कोई नया कार्य किया हो। कभी भी राडिया के द्धारा किये कार्यों को जायज नहीं माना जा सकता, लेकिन इस इस प्रकार के दलाली के कार्य हमेशा किसी न किसी के द्धारा होते रहें हैं। स्‍वयं इस प्रकार के खुलासे इस समय हुये हैं कि प्रभु चावला ने मुकेश अंबानी के लिये दलाली की। यानी कि क्‍या ये दलाली या ‘लाबींग’ केवल पत्रकारों या नेताओं द्धारा की जाती तो क्‍या इन खुलासों पर इतना हंगामा होता। प्रभु चावला लम्‍बे समय से ऐसा करते रहे होंगें। कारपोरेट जगत को नाजायज फायदा पहुंचाने के लिये जो लाबीइंग की जाती है, आखिर उसकी फिलासफी क्‍या है।