विरोध की सीमा और समर्थन की मर्यादा तय करे मीडिया

: लखनऊ विश्‍वविद्यालय में पत्रकारिता संस्‍थान में स्‍टूडियो का लोकार्पण : समाज और राष्ट्रहित में मीडिया को विरोध की सीमा और समर्थन की मर्यादा निर्धारित करनी चाहिए। उदारीकरण ने बाजारवाद का प्रभाव बढ़ाया। पत्रकारिता भी इससे मुक्त नहीं है, लेकिन स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। यह संक्रमणकाल है। अच्छाई और बुराई के इस संक्रमण में अन्ततः अच्छाई की विजय होगी, इसके लिए अच्छाई के पक्षधरों को मुखर होना पड़ेगा। पत्रकारों को देवर्षि नारद से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनकी तरह व्यक्तिगत हितों को छोड़कर समाजहित में समर्पित होना पड़ेगा, इससे सकारात्मक परिवर्तन होगा। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने कही।