पारदर्शी उम्‍मीदों के पांच साल

विष्‍णु : आरटीआई कानून ने अधिकारियों को बनाया जवाबदेह : गरीबी रेखा से नीचे श्रेणी की पुष्पा कुमारी की कहानी सुनिये। रांची विश्वविद्यालय में राजनीतिशास्त्र की छात्रा है। उसे पता चला कि स्नातकोत्तर के हर विभाग में बीपीएल के दो विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। अलग से 500 रुपये मासिक छात्रवृति भी मिलनी है। इसका लाभ न तो पुष्पा को मिल रहा था, न अन्य को। पुष्पा ने अपने भाई मुकेश की मदद से सूचना का आवेदन डाला। नतीजा यह हुआ कि पुष्पा को छात्रवृति की राशि मिलने लगी। स्नातकोत्तर के 23 विभागों से मिली सूचना के मुताबिक किसी भी विभाग ने गरीब छात्र-छात्राओं को उनका जायज हक नहीं दिया।