अंबानियों-अडानियों के पालतू कांग्रेस-भाजपा बनाम अरविंद केजरीवाल का जनवादी रास्ता

Kanwal Bharti : अरविंद केजरीवाल को सलाम… अरविन्द केजरीवाल को भ्रष्ट दल सरकार चलाने ही नहीं दे रहे थे, उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया… अच्छा किया. अरविन्द के मुकाबले भ्रष्ट लोग, दल, घराने ज्यादा ताकतवर हैं… इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि भारत में सुधार कैसे किया जा सकता है? भ्रष्ट पूंजीवाद ने कांशीराम-मायावती को ठिकाने लगा दिया, वाम दलों को उखाड़ दिया,. अरविन्द केजरीवाल इनमें से नहीं थे, सो उन्होंने समझौता न करके इस्तीफ़ा देकर जनता के बीच में जाने का जो विकल्प चुना है, वही लोकतान्त्रिक और जनवादी रास्ता है. अरविन्द केजरीवाल को सलाम. (दलित चिंतक और साहित्यकार कंवल भारती के फेसबुक वॉल से.)

Balendu Swami : मोदी की हर रैली में होर्डिंग, प्रचार, स्टेज सज्जा, मीडिया हाउस का चढ़ावा और भीड़ इकठ्ठा करने में सैकड़ों करोड़ का खर्च आता है! कितनी पी आर एजेंसी और पेड लोग काम कर रहे हैं यह सबको दिख रहा है! क्या अब भी आपको समझ नहीं आ रहा है कि इतना पैसा अम्बानियों और अडानियों के द्वारा ही लुटाया जा रहा है अपनी मनमर्जी का प्रधानमंत्री बनाने के लिए! धनपशुओं के टुकड़ों पर पलने वाले कांग्रेस और भाजपा का फिक्स मैच भी जनता के समझ में आ गया है! अब कहने को कुछ ठोस है नहीं इनके पास तो उटपटांग बक रहे हैं, बहुत बुरी तरह खउआये हैं दोनों. (वृंदावन के स्वामी बालेंदु के फेसबुक वॉल से.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *