अखिलेश यादव के ललितपुर दौरे का पत्रकारों ने किया वहिष्कार

ललितपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को चालीस मिनट के प्रवास पर विकास कार्यों की समीक्षा करने ललितपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक की कवरेज करने गये पत्रकारों ने सत्तादल के स्थानीय शीर्ष नेताओं द्वारा किये जा रहे अवैध खनन, गरीब किसानों की जमीन पर अवैध कब्जे एवं जनता का शोषण करने की खिलाफत करते हुये बैठक का बहिष्कार कर दिया। प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकार मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम का मौके पर ही बहिष्कार करते हुये वहां से वापस आ गये।
 
सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने निर्धारित समय से ललितपुर में शासन से चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने ललितपुर स्थित हवाई पट्टी हैलीकॉप्टर से पहुंचे। समीक्षा बैठक के पूर्व पार्टी पदाधिकारियों द्वारा पहले से पूरे इन्तजाम कर रखे थे। अभेद्य सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर न मार सके। ऐसे में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान पत्रकारों द्वारा मुख्यमंत्री तक स्थानीय नेताओं की कारगुजारियां नहीं पहुंचायी जा सकीं। गौरतलब है कि सूबे में काबिज समाजवादी पार्टी की सरकार में जिले के स्थानीय नेताओं द्वारा नाजायज व अनैतिक, दबंगई का रास्ता अख्तियार करते हुये स्थानीय शीर्ष नेताओं द्वारा लगातार अवैध खनन को व्यापक स्तर पर अंजाम दिया जा रहा है तो वहीं गरीबी में अपना जीवन यापन कर रहे किसानों की जमीन पर गुण्डई के बल पर कब्जा किया जा रहा है। 
 
इसका ताजा उदाहरण बीते रोज गुरूवार को ही देखने को मिला है, जिसमें ग्राम रोंड़ा में रहने वाले एक परिवार ने सत्तादल के स्थानीय शीर्ष नेता पर जमीन पर दबंगई और गुण्डई के बल पर कब्जा करने पर परिवार समेत आमरण अनशन पर बैठ गया। इससे यह स्पष्ट हो चला है कि सत्ता की हनक में किस कदर गरीब, असहाय लोगों का उत्पीडऩ चरम पर है। वहीं इन सभी समस्याओं को पत्रकारों द्वारा लिखने और दिखाए जाने पर सपा नेताओ द्वारा पत्रकारो को धमकी दी जाती है। साथ ही इन सपा नेताओं की जिले मे गुंडई और दबंगई जोरों पर है, जिनकी शिकायत मुख्यमंत्री से करने जा रहे सभी पत्रकारों को हवाई पट्टी के बाहर ही रोक लिया गया। जहां प्रेस क्लब अध्यक्ष ललितपुर वीरेंद्र शर्मा के तत्वाधान में सभी पत्राकारों ने समाजवादी पार्टी के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया और आगे भी सपा नेताओ कि कारगुजारी को उजागर करते रहने कि शपथ खायी।
 
एक पत्रकार द्वारा भेजे गये पत्र पर आधारित

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