अगर एनएनआईएस में मेरा पेमेंट बकाया नहीं था तो बीस हजार का चेक क्‍यों दिया?

यशवंत भाई सस्‍नेह नमस्कार. यशवंत भाई मैं आपको बताना चाहूँगा कि एनएनआई न्यूज़ एजेंसी की तरफ से मुझे एक नोटिस भेजा गया है. जिसमें यह लिखा हुआ है कि एनएनआईएस की तरफ से  31.1.2012 को 2500/, 24.03.2012 को 2000, 30.08.2012 को 7200 और 09.04.2013 को 20000/ रुपये  दिए गए है, लेकिन एनएनआईएस को मैंने 31.01.2013 को अपने अधिवक्ता के माध्यम  से एक लीगल नोटिस भेजा था कि मैंने झाँसी में दो हजार ग्‍यारह से चार मार्च दो हजार ग्यारह तक और चार मार्च दो हजार बारह से अगस्त दो हजार बारह तक लखनऊ में काम किया था, जिसमें  मेरी टोटल स्टोरी 256 है, जो मेरे नाम से बनी साईट में अपलोड है.

मेरा पेमेंट 256×500= 128000 रुपये होता है, जिसमें एनएनआईएस की तरफ से मुझे 9700 रुपये मिल चुके हैं और अब मेरा पेमेंट 118300 रुपये बकाया है. उस नोटिस का जवाब यह आया था कि आपका कोई पेमेंट बकाया नहीं है सारे पैसे का भुगतान कर दिया गया है. इसके बाद जब मैंने भड़ास४मीडिया को लिखा तो एनएनआईएस की तरफ से मुझे 20400 की चेक दे दी गई. इसके बाद जब मैंने कुलवंत से बात की कि मेरा बाकी पेमेंट कब करेंगे तो उनका जवाब था कि पंद्रह तारीख तक मिल जायेगा. लेकिन आज सोलह तारीख को मैंने जब बात करी तो उनका कहना यह था कि आपका पेमेंट कुछ भी नहीं बकाया है और सारा कर दिया गया है. और तुमको जो करना हो वह करो अब तुम्हारा पेमेंट नहीं मिलेगा, इससे पहले भी मुझे कमल दीक्षित ने भी यह कहा था कि तुम भड़ास को लिखो चाहे पुलिस के पास जाओ और चाहे कोर्ट में चक्कर लगाओ तुमको कुछ नहीं मिलेगा.

यशवंत भाई मैं पूछना चाहता हूँ कि अरूप घोष से कि अगर मेरा पेमेंट नहीं बकाया था तो मुझे बीस हजार चार सौ की चेक क्यों दी गई और जब इन्होंने मेरी नोटिस का जवाब दिया था तो उसमें साफ शब्दों में लिखा था कि दिलीप राव का कोई पेमेंट बकाया नहीं है और 39 story के हिसाब से सारा पेमेंट कर दिया गया है. लेकिन यशवंत भाई यह बहुत बड़े धोखेबाज हैं. यह हम सभी लोगों का पैसा  हजम करना चाहते हैं, लेकिन मैं ही नहीं देश के करीब चालीस रिपोर्टर और स्ट्रिंगर हैं, जिनका पैसा ये लोग हजम कर रहे हैं और सभी लोगों को अब लीगल नोटिस भेज कर डराने धमकाने का काम कर रहे हैं ताकि वे हमलोगों का पैसा हजम कर जायें. और मैंने जब आपको लिखा था तब इन्होंने आपको भी लीगल नोटिस भेज कर खबर न छपने की डरावनी दे रहे हैं. लेकिन अब हम सभी लोग डरने  वाले नहीं हैं. अपनी मेहनत का पैसा हम लेकर रहेंगे चाहे हम लोगों को कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े. हम सभी लोग पीछे नहीं हटेंगे. फिर चाहे हम को एनएनआईएस के लिए शहीद क्यों न होना पड़े.
 
मैं अपने सभी पीड़ित पत्रकार भाइयों से यह अनुरोध करना चाहता हूँ कि आप सभी लोग एकजुट हो कर एनएनआईएस के खिलाफ संघर्ष करें और मैं आपके साथ हूँ. क्यों कि एनएनआईएस कार्यालय में एक व्यक्ति है जिसका नाम कुलवंत है, वह झूठ बोल बोल कर हम सभी को बेवकूफ बनता है. उसके बहकावे में मत आना क्यों कि वह बहुत धोखेबाज इन्सान है, जिस पर हम अब कभी भरोसा नहीं कर सकते. अब हम इस लड़ाई को खत्म नहीं होने देंगे और पुलिस प्रशासन से लेकर जिलाधिकारी महोदय से शिकायत करेंगे. इसके बाद अगर हमारी सुनवाई नहीं होती है तो हम सभी लोग सूचना एवं प्रसारण मंत्री भारत सरकार तक जायेगे. और अंत में फिर न्यायलय की शरण में चले जायेंगे. जिससे कि सभी लोगों को पता चले कि हम सभी पीड़ित पत्रकारों का इन्होंने एक साल तक शोषण किया है  और अब भी कर रहे हैं.   
 
अंत में यशवंत भाई को धन्यवाद करना चाहता हूँ कि उन्होंने हम सभी पीड़ित पत्रकारों की बात सुनी. और यह भी अनुरोध करना चाहता हूँ कि इसको छापने का कष्‍ट करें ताकि यह जालसाज और धोखेबाज हमारे किसी और पत्रकार भाई को धोखा न दे सके.

दिलीप कुमार राव

पीडित पत्रकार

लखनऊ

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