अजीत का रिपोर्ट क्‍यों नहीं दर्ज कर रही है नोएडा पुलिस?

: वरिष्‍ठ पत्रकार नवीन लाल सूरी के चैन लुटेरे का क्‍यों नहीं चला पाया पता? : कहां चली गई नोएडा पुलिस की बहादुरी? यशवंत को फर्जी एफआईआर दर्ज होने के दो घंटे के भीतर गिरफ्तार करवाने वाले एसएसपी प्रवीण कुमार अब तक सहारा समय के सीनियर क्राइम रिपोर्टर नवीन लाल सूरी की चैन लूटने वालों का पता नहीं लगा सके, जबकि उनके पास सीसी टीवी का फुटेज भी मौजूद था. वहीं सेक्‍टर 58 के तेजतर्रार और बहुत तेजी से एफआईआर दर्ज करने वाले प्रभारी की तेजी को क्‍या हो गया, जो ताला तोड़कर हुई चोरी की घटना को दर्ज करने से इनकार कर रहा है.

मामला सेक्‍टर 66 का है. सेक्‍टर 62 के कार्तिक इंफोटेक के काम करने वाले अजीत यादव सेक्‍टर 66 में किराए के मकान में रहते हैं. बीते 18 तारीख को वे कहीं बाहर गए हुए थे तब उनके कमरे का ताला तोड़कर किसी ने उनका लैपटॉप तथा मोबाइल फोन चोरी कर लिया. अजीत जब अपनी शिकायत लेकर सेक्‍टर 58 पहुंचे तो फर्जी मामलों में तत्‍काल रिपोर्ट दर्ज करने वाला प्रभारी अजीत का एफआईआर दर्ज करवाने की बजाय उन्हें सेक्‍टर 50 चौकी जाने की सलाह दी.

अजीत जब सेक्‍टर 60 चौकी पहुंचे तो उनका एफआईआर लिखने से इनकार कर दिया गया. पुलिस वालों ने कहा कि ताला तोड़कर चोरी करने की एफआईआर नहीं लिखी जाएगी. अगर एफआईआर करवाना है तो लिखो कि तुम ऑटो से जा रहे थे और लैपटॉप और मोबाइल दोनों भूल गए. अजीत बिना रिपोर्ट लिखे वापस लौट आए. अजीत ने भड़ास के पास अपनी शिकायत भेजी है जिसे नीचे प्रकाशित भी किया जा रहा है.

''My Laptop and mobile phone has been stolen from my room by breaking door lock…  Police is refusing to note FIR by saying "agar FIR likhwani h to ye mat likhwao ki taala tod k chori ki kisi ne balki ye likhwao ki main auto se ja raha tha aur auto me apna laptop bhul gaya " agar sacchi FIR likhwani h to paise do.

MERA BHARAT MAHAAN

main chakkar kaat kaat k pareshan ho gaya hu, mere friend ne http://www.bhadas4media.com/ is site ka adderess diya tha please meri madad kijiye. Mera police thana sec 58 h aur police chowki – 60 ki lagti h. mera adderess h Ajeet yadav c/o Shri Ramveer singh r.k. public school k piche, Mamura sec 66, Noida.mobile no- 9555226879''

आखिर इन मामलों में क्‍यों अपनी असली औकात में आ गई नोएडा पुलिस. कहां चली गई एसएसपी प्रवीण कुमार और उसकी टीम की बहादुरी. सच तो यह है कि नोएडा पुलिस फर्जी मामलों में जबर्दस्‍त तेजी दिखा रही है, जबकि जो असली मामले हैं उनके वो अपने असली औकात पर आ जा रही है. नवीन लाल जी के मामले में फुटेज होने के बाद भी चैन लुटेरों का पता नहीं लगा पाई पुलिस. जेन्‍यूइन मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है. क्‍या यही है अखिलेश और उनका समाजवाद?

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