अथश्री ई टीवी कथा – रैना बीती जाए, नींद ना आए…

: कानाफूसी :  कारपोरेट और मीडिया गठजोड़ के जरिए भारत पर राज करने का सपना देखने वाले रिलायंस समूह ने बैक डोर से टीवी18 को आगे कर बूढ़े हो चुके दक्षिण भारत के मीडिया मुगल रामोजी राव की जिंदगी भर की कमाई (इज्जत-प्रतिष्ठा) की कीमत लगा दी तो इसके साथ-साथ दो जमात की नींद उड़ गई। इसमें से एक बड़ी जमात वह है जो अपने करियर के साथ-साथ बाल-बच्चों के भविष्य को लेकर सशंकित है। इन्हें रात भर नींद नहीं आती। वैसे नींद तो दूसरी चंद लोगों की जमात को भी नहीं आती लेकिन उसके कारण अलग हैं।

एक बड़े समूह का भविष्य अंधकार में दिख रहा है तो चंद लोग वैसे लोगों के लगाए गए फसल काट रहे हैं जिन्होंने ई टीवी के हिन्दी नेटवर्क को परवान चढ़ाया। सब जगह से दरबदर किए गए एक फरेबी ने रामोजी राव पर ऐसे डोर डाले कि वे उसके मोहपाश में आ गए.. रैना बीती जाए पर नींद ना आए। देखते-देखते ही इस रैना ने नींद उड़ने की तमाम बीमारियां भी खोज निकाली। इनके किस्से रामोजी फिल्म सिटी के गलियारे में आज भी ज्योति फैला रहे हैं। पूरा चैनल बिक गया लेकिन यह शख्स वहीं का वहीं है।

जब चैनल की कमान जयपुर वाले अफसर के हाथ में आई तो यह उनका लाडला हो गया। एक-एक सीनियर लोगों को इसने चलता कर दिया। अभी इंक्रीमेंट में इसके नाकाम चेले-चपाटियों ने तो गजब ढ़ा दिया। किसी का इंक्रीमेंट दस हजार तो किसी को ढाई सौ के लाले। खुद के साले का भी गजब का इंक्रीमेंट कराया। अपने कृपापात्र तथाकथित चेलों के दम पर इनकी रातें गुलजार होती है। जब चैनल बिका तो अब यह टीवी18 के कारिंदों का लाडला बन चुका है। जयपुर के अफसर के आगे-पीछे करना छोड़ अब यह दिल्ली के चक्कर लगा रहा है। इसके राज खुले तो रामोजी फिल्म सिटी पर एक पूरा अध्याय लिखना पड़ेगा। यह भी तय है कि धरती वीरांगनाओं से खाली नहीं है। इसने जितने रंग जमाए हैं तो देर-सवेर इनकी कलई भी खुलेगी। बस इंजतार करते जाइए। 

ईटीवी में रहे चुके एक शख्स द्वारा प्रेषित.

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