अपडेट… अपने अधीनस्थ से आफिस के अंदर फिर भिड़े अमर उजाला, लखनऊ के स्थानीय संपादक इंदुशेखर पंचोली

अमर उजाला, लखनऊ के स्थानीय संपादक इंदुशेखर पंचोली फिर आफिस के अंदर अपने ही अधीनस्थ से भिड़ गए. करीब दर्जन भर लोगों से बदतमीजी, लड़ाई, झगड़ा कर चुके और बदले में ऐसा ही कुछ पा चुके पंचोली की लड़ाई इस बार अमर उजाला, लखनऊ के जनरल डेस्क इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह से हो गई. बताया जाता है कि पंचोली अचानक धर्मेंद्र के पास आए और बोलने लगे कि तुम ठीक से काम नहीं कर पा रहे हो, आफिस से बाहर निकल जाओ. यह सुनकर धर्मेंद्र सन्न रह गए. उन्होंने जानना चाहा कि आखिर ऐसा क्या हो गया, कि अचानक वे काम लायक नहीं लग रहे हैं. इस पर पंचोली ने कहा कि बहस न करो, आफिस से बाहर जाओ.

धर्मेंद्र अपनी सीट से खड़े हो गए और दूसरी तरफ चले गए. कुछ देर बाद पंचोली फिर आए और धर्मेंद्र की ओर मुखातिब होकर बोले कि आफिस से बाहर जाते हो या तुम्हें बाहर निकलवाने के लिए गार्ड बुलवाऊं. यह सारा घटनाक्रम न्यूज रूम में सबके सामने हो रहा था. अपनी लगातार बेइज्जती और प्रताड़ना से आहत धर्मेंद्र ने पलटकर पंचोली को जवाब दिया. इस पर पंचोली भड़क गए और हाथापाई पर उतारु हो गए. धर्मेंद्र ने हाथापाई से बचते हुए अपनी बात रखी और इस तरह भरे न्यूज रूम में खुद को अपमानित किए जाने का विरोध किया.

सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र ने पंचोली से अनुरोध किया कि वे इस तरह सबके सामने बेइज्जती न करें. अगर उन्हें लगता है कि मैं काम नहीं कर पा रहा हूं तो वे मुझे तथ्य के आधार पर बता दें कि मैं क्या क्या नहीं कर पाया जिससे आगे उसे सुधारने की कोशिश करूंगा. पर यह सब सुनने को पंचोली कतई तैयार नहीं थे. उन्होंने अनाप शनाप कहना शुरू कर दिया और धर्मेंद्र को गार्ड द्वारा बाहर फिंकवा देने को कहने लगे. इस पर धर्मेंद्र खुद आफिस से बाहर निकल गए. इसके पहले दर्जन भर लोगों से पंचोली उलझ चुके हैं और उन्हें भरे न्यूजरूम में बेइज्जत करके बाहर निकाल चुके हैं. पंचोली की कई बार प्रबंधन से शिकायत भी की गई लेकिन प्रबंधन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि ऐसा माना जाता है कि पंचोली पर यशवंत व्यास का हाथ है, जिस कारण प्रबंधन उनका कुछ नहीं बिगाड़ पा रहा है. 

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