अपने तहसील कार्यालयों को बंद करेगा अमर उजाला!

: कानाफूसी :अमर उजाला अपने नॉन प्राफिटेबल तहसील कार्यालयों को समेटने की योजना पर काम शुरू कर दिया है. खबर है कि इसकी शुरुआत मेरठ के सरधना से की जा चुकी है. अमर उजाला ने सरधना से स्‍टाफर हटा लिए गए हैं. ऑफिस भी जल्‍द ही बंद किया जाना है. अब तक तहसील स्‍तर तक अपने कार्यालय खोलकर अखबार को कंटेंट और आर्थिक लेबल पर मजबूत बनाने की शुरुआत करने वाले अमर उजाला ने अब इन्‍हें समेटना शुरू कर दिया है. जबकि इसके उलट दैनिक जागरण अब अपने तहसील कार्यालयों को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है.

सूत्रों का कहना है कि अमर उजाला ने तहसील कार्यालय बंद करने का कोई योजना नहीं बनाया है बल्कि उन कार्यालयों को बंद किया जा रहा है, जो प्रबंधन के लिए सफेद हाथी साबित हो रहे हैं. जिनके खर्च आमदनी से ज्‍यादा हैं. ऐसे तहसीलों में केवल स्ट्रिंगर रखकर काम चलाया जाएगा. अमर उजाला के मेरठ यूनिट में सरधना तहसील से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है. वहीं इसके उलट जागरण अब अपने तहसील कार्यालयों को और अधिक मजबूत करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है.

अमर उजाला ने जहां अपने स्‍टाफर को सरधना से बुला लिया वहीं दूसरी तरफ जागरण ने सरधना में वरिष्‍ठ साथी राकेश त्‍यागी को भेजकर तहसील इकाई को और अधिक मजबूत करने की कवायद में जुटा हुआ है. सूत्र बताते हैं कि अमर उजाला अब खर्च में कटौती करने की दिशा में काम कर रहा है. अगर संभव हुआ तो तहसील कार्यालयों को बंद करने की रणनीति भी शुरू की जा सकती है. अब देखना है कि केवल सरधना ही नहीं मोदीपुरम तहसील हेड क्‍वार्टर को भी मेरठ में शिफ्ट किए जाने की खबर है.  

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