अपराधियों की सूचना देने वाले पत्रकार को सिपाही ने बंधक बनाकर धमकाया, मामला दर्ज

लखनऊ : क्या आप पुलिस की मदद करना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि आपके क्षेत्र में रह रहे संदिग्ध लोगों से पुलिस पूछताछ करे?  यदि आप देश और समाज के दुश्मनों के बारे में कुछ जानते हैं और उसे पुलिस को बता कर किसी अप्रिय घटना को घटने से पहले पुलिस को होशियार करना चाहते हैं तो आप को भी बहुत होशियारी से काम लेना होगा. कहीं ऐसा न हो कि अराजक तत्वों से सांठ गांठ रखने वाले कुछ पुलिस कर्मी आप को ही निशाना बनाने का प्रयास न कर दें. यही सच है जो अपराधियों की सूचना देने वाले एक पत्रकार के सामने आया. 

समाज की चिंता करने वाले एक पत्रकार ने सीओ को फ़ोन कर बताया कि गुलमर्ग होटल के पास कुछ संदिग्ध लोगों के आने की खबर उसके पास आई है. आप इसे चेक करा लीजिये. पत्रकार अपना फ़र्ज़ निभाकर बेफिक्र हो गया, लेकिन अपराधियों के मददगार सिपाही ने उस पत्रकार को बहाने से बुलाया और लक्ज़री कार में बैठा कर अपने साथियों की मदद से उसे न सिर्फ डराया बल्कि रिवाल्वर लगा कर जान से मारने की धमकी भी दी और दो घंटे तक कर में शहर में घुमाने के बाद उसे अमीनाबाद में लाकर छोड़ दिया.

सिपाही के चंगुल से आजाद हुए पत्रकार विजय चावला ने एसएसपी से मुलाक़ात कर उन्हें पूरी जानकारी से अवगत कराया तो उन्होंने सीओ कैसरबाग को जाँच के आदेश दिए. जाँच के बाद सिपाही पृथ्वीराज और एक अन्य साथी के खिलाफ अमीनाबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है. मारवाड़ी गली अमीनाबाद में अपने परिवार के साथ रहने वाले पत्रकार विजय चावला ने बताया कि 20 जून को किसी ने उनके मोबाइल पर फ़ोन कर बताया कि अमीनाबाद में गुलमर्ग होटल के करीब एक घर में कुछ संदिग्ध लोग रुके हैं आप पुलिस को बता दीजिये. विजय के मुताबिक उन्होंने अपना फ़र्ज़ समझते हुए सीओ कैसरबाग हृदेश कठेरिया को इस जानकारी से अवगत करा दिया.  

विजय के मुताबिक मंगलवार की दोपहर पृथ्वीराज नाम के सिपाही ने उन्हें फ़ोन करके अमीनाबाद बुलाया और वहां खड़ी सफ़ेद रंग की एक लक्ज़री कार में बैठाया. कार में पहले से ड्राईवर के अलावा दो लोग और सवार थे. कार सवार लोगों ने उनकी कनपटी पर रिवाल्वर लगा दी और कहा कि तुम ने सीओ को क्या बताया था. विजय चावला ने अपनी जान बचाने के लिए वो सब उन लोगों को बताया जो उन्होंने सीओ कैसरबाग को बताया था. विजय के मुताबिक कार में सवार सिपाही और दूसरे लोगों ने उन्हें लगभग दो घंटे तक कार में बैठा कर खूब डराया. फिर महानगर के एक रेस्टोरेंट में ले जाकर नाश्ता कराया और अमीनाबाद लाकर वार्निंग देने के बाद कार से उतर दिया.

डरे सहमे विजय चावला ने एसएसपी से मिलकर सिपाही की करतूत से अवगत कराया तो उन्होंने जाँच का आदेश दिया. विजय चावला की तहरीर पर सिपाही व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. अब देखना है कि समाज की चिंता कर पुलिस की मदद करने वाले पत्रकार विजय चावला को न्याय मिलता है या नहीं.

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