प्रिय यशवंत जी, आपको एक ई-मेल भेज रहा हूं। आपसे एक कार्यक्रम के दौरान मिला था। आज हरियाणा के एक ऐसे सच के बारे में लिखकर भेज रहा हूं, जिसने जनता की भावनाओं को तार-तार कर दिया है। दरअसल, हरियाणा की राजनीति में घिनौना करार हुआ है। कुरुक्षेत्र से धनपशु कांग्रेस प्रत्याशी नवीन जिंदल ने अभय चौटाला के साथ एक चुप तरीके से करार किया है। इस करार के मुताबिक हिसार में स्टील प्लांट में काम करने वाले 30,000 वाटरों का समर्थन आईएनएलडी प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला को जाएगा। तो वहीं बदले में कुरुक्षेत्र में आईएनएलडी के 30,000 वोटर्स नवीन जिंदल को समर्थन देंगे।
बता दें कि अभी हाल में ही कुरुक्षेत्र में ही नवीन जिंदल, उनकी पत्नी शालू जिंदल एक गांव में प्रचार के लिए जा रहे थे तो गांव वालों ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया और विरोधी नारे लगाए। वहीं दूसरी ओर कुरुक्षेत्र में सैनी समाज के लोगों ने नवीन जिंदल से सवाल पूछना शुरू किया कि आपको लगातार दो बार सांसद बनाया कुरुक्षेत्र की जनता ने, आपने विश्वविद्यालय खोला सोनीपत में ऐसा क्यों ? एक ओर आपकी कंपनी के पास हैलीकॉप्टर और जेट हैं, 10 साल में सांसद रहते आपकी संपत्ति 12 करोड़ से 300 करोड़ पहुंच गई, लेकिन कुरुक्षेत्र में आज भी रोड, बिजली, पानी संबंधी समस्याओं का अंबार है, ऐसा क्यों?
सैनी समाज और पास के गांव वालों के विरोध से नवीन और शालू को यह बात समझते देर नहीं लगी कि अब चुनाव कहीं हाथ से खिसक न जाए। नवीन जिंदल ने अभय चौटाला से बार-बार संपर्क करना शुरू कर दिया। पहले वोट खरीदने को लेकर पैसों पर बात की गई, लेकिन समझौता हिसार और कुरुक्षेत्र लोकसभा के मतदाताओं को लेकर फाइनल हुआ। सवाल है कि जहां आईएनएलडी कांग्रेस के खिलाफ विरोधी गीत गाकर, उसके भ्रष्टाचारों का बखान कर जनता के बीच जाती है, वहीं उसी कांग्रेस से इस तरह का तालमेल गुपचुप तरीके कर लेना क्या जायज है, लेकिन जनता में नवीन जिंदल के खिलाफ विरोध कायम है। जनता जिंदल से कई इलाकों में सीधे तौर पर पूछ बैठी कि आप पर तो कोयला घोटाले में आरोप है, सीबीआई पीछे पड़ी है, कोर्ट ने मामला दर्ज कर लिया है, पहले उस मामले का निपटारा कर बेदाग होइए, फिर वोट की बात करेंगे। कोयला घोटाले से नवीन के मुख पर लगे कालिख रूपी ये ऐसे दाग हैं, जिसने नवीन के मुख पर चुप्पी लगा दी है। ऐसे में नवीन जिंदल ने इलाके में अपनी पत्नी शालू जिंदल और मां सावित्रि जिंदल को उतार दिया है।
शालू जिंदल इलाके में जगह-जगह घूमकर लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रही हैं कि देखिए आपकी सुविधाओं के लिए तो नवीन ने घर-बार, व्यापार सबसे दिमाग हटा लिया। मजे की बात तो तब आई जब एक महिला ने तपाक से पूछ लिया कि 10 साल तक हमने सांसद बनाया तो कहां 10 साल में 10 बार भी हमारे बीच आए, वो आज तो वोट मांगने आ रहे हैं, तब आना हो रहा है। इसके बाद शालू के सामने ही विरोधी नारे लगने लगे जिसे बड़ी मुश्किल से नवीन जिंदल के गुर्गों ने काबू किया। जाहिर सी बात है कि हाल में अरविंद केजरीवाल ने भी नवीन जिंदल पर कांग्रेस को चंदा देने वालों में से बताया। केजरीवाल का बयान इसलिए भी अहम था, क्योंकि हाल में ही केजरीवाल को जिंदल का कथित तौर पर समर्थक माना जा रहा था। ऐसे में केजरीवाल ने अगर जिंदल पर यह आरोप लगाया तो इसके अलग ही मायने हैं और सच्चाई है।
दरअसल, नवीन जिंदल को पता है कि इस बार अगर चुनाव हारे तो सीबीआई का डंडा तो चलेगा ही, कोर्ट ने भी मुंह की खानी पड़ेगी। इसलिए नवीन ने अपनी पत्नी और मां को भी उतार दिया है। लेकिन कुरुक्षेत्र की जनता ने कई इलाकों में साफ कर दिया है कि ये कुरुक्षेत्र है, धर्मक्षेत्र है, बिकेंगे नहीं। ऐसे में जिंदल की परेशानी काफी बढ़ गई है।
रमन सिंह






