अमर उजाला की खबर तो एसपी की खिल्ली उड़ा रही है

पत्रकारिता के क्षेत्र में आई गिरावट की मुख्य वजह बड़े अखबारों के चाटुकार रिपोर्टर हैं। जिनकी वजह से कभी-कभी संस्थान को भी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। इसका जीता जागता उदाहरण है शाहजहांपुर में अमर उजाला में छपी एक खबर। एक खबर से अखबार ही नहीं, एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई गई है। अमर उजाला के स्थानीय पत्रकार ने अपने 22 नवंबर के अंक में ‘एसपी ने टोल प्लाजा पर पकड़ी अतिरिक्त वसूली’ को लीड खबर बनाकर छापा तो बटरिंग में, लेकिन यह खबर एसपी की गरिमा की खिल्ली उड़ाती लग रही है। 
 
बता दें कि टोल प्लाजा पर अवैध वसूली को लेकर लिखापढ़ी करने पर अभी कुछ दिन पहले इन्हीं लोगों ने व्यापारी नेता विशेश्वर नाथ हांडा को सरेराह पीट पीटकर मरणासन्न कर दिया था। इस मामले में कई लोगों पर सदर थाने में एफआइआर भी हुई लेकिन पकड़ा कोई नहीं गया। टोल टैक्स बैरियर वाले पुलिस की रिपोर्ट लिखने वाली कार्रवाई से डरे नहीं और दो दिन बाद ही अवैध वसूली का विरोध करने वाले ट्रक चालक की पिटाई कर दी। इस मामले में भी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अब इन दोनों बड़ी घटनाओं के बाद जरा अमर उजाला की खबर पर नजर डालें। एसपी ने 21 नवंबर को स्वयं ही बैरियर पर अवैध बसूली होते हुए पकड़ी। इसके बाद जिन से अवैध वसूली की गई थी एसपी ने उनके पैसे वापस करा दिए। 
 
क्या रंगदारी वसूलने वाले, अवैध वसूली करने वालों के लिए कोई कानून नहीं है जो एसपी ने पकड़ने के बाद भी हिदायत देकर छोड़ दिया। वहीं एसपी अपने मातहतों से यह उम्मीद कैसे कर सकते हैं कि वह टोल बैरियर पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। है न हास्यास्पद बात कि एसपी कोई गलत काम होते पकड़ें और कार्रवाई भी न हो। अब या तो अमर उजाला ने खबर मनगढ़ंत छापी है या फिर एसपी साहब भी टोल प्लाजा पर अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।  कोई ऐसा व्यक्ति जो लगातार अपराध कर रहा हो और उस पर एफआइआर भी दर्ज हो रही हो, उसे वही गलती करते हुए एसपी जैसे अधिकारी पकड़ें तो क्या होना चाहिए था। क्या छोड़ दिया जाना चाहिए था?
  
आपको बता दें कि इस टोल टैक्स बैरियर का एक वर्ष का ठेका चार करोड़ का हुआ। जबकि अवैध ढंग से वसूली करके यहां प्रतिदिन चार से पांच लाख रुपया बसूला जा रहा है। चर्चा तो यह भी है कि सपा के एक विधायक ने सत्ता का दुरूपयोग कर अवैध ढंग से अपने गुर्गों को ठेका दिलाया है। विधायक की सरपरस्ती के कारण ही गुर्गे वसूली कर रहे हैं। पिछले दिनों डीएम ने भी जांच में अवैध बसूली पकड़ी थी और इसकी शिकायत शासन और विभाग के उच्चाधिकारियों से करते हुए यह भी लिखा था कि अवैध बसूली बंद नहीं हुई तो वह टोल टैक्स बंद करा देंगे।
 
शाहजहांपुर से एक पत्रकार द्वारा भेजी गई मेल पर आधारित
 

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