अमर उजाला में चंडीगढ़ टॉप तो लखनऊ सबसे फिसड्डी यूनिट

: आगरा, धर्मशाला, मुरादाबाद एवं कानपुर टॉप फाइव में : कुछ दिनों पहले ही अमर उजाला प्रबंधन ने अपने यूनिटों की सालाना रेटिंग तय की है. अमर उजाला के 18 यूनिटों में चंडीगढ़ ने बाजी मारी है वहीं अक्‍सर विवादों में रहने वाला लखनऊ यूनिट फिसड्डी साबित हुआ है. चंड़ीगढ़ 3.1 अंक लेकर सबसे ऊपर है. उल्‍लेखनीय है कि चंडीगढ़ यूनिट की जिम्‍मेदारी नार्थ हेड उदय कुमार के पास थी. माना जा रहा है कि उदय कुमार के लगातार बेहतर परफारमेंस के चलते ही उन्‍हें प्रमोट करके न्‍यूज नेटवर्क हेड बनाया गया है. उनके नेतृत्‍व में ही अमर उजाला ने हिमाचल और जम्‍मू में भी अपना झंडा गाड़ रखा है.

 

उल्‍लेखनीय है कि अमर उजाला प्रबंधन कंटेंट, सर्कुलेशन, व्‍यवसाय, वसूली समेत कई पैरामीटरों पर अपने यूनिटों का रेटिंग करता है. साल भर के परफारमेंस के आधार तय किया जाता है कि किस यूनिट ने बेहतर काम और किस यूनिट ने खराब काम किया है. चंडीगढ़ पहले स्‍थान पर रहा तो सबसे घटिया प्रदर्शन करते हुए लखनऊ यूनिट फिसड्डी साबित हुआ है. लखनऊ रेटिंग में मात्र 1.8 रेटिंग के साथ सबसे आखिरी पायदान यानी अठारहवें स्‍थान पर है. टॉप फाइव में चंडीगढ़ के अलावा आगरा, धर्मशाला, मुरादाबाद एवं कानपुर यूनिट शामिल हैं. पिछली रेटिंग में फिसड्डी यूनिटों शामिल कानपुर ने भी इस बार लम्‍बी छलांग लगाई है.

सूत्रों का कहना है कि उदय कुमार जहां अपने व्‍यक्तिगत प्रयासों से चंडीगढ़ को नम्‍बर एक बनाया तो पिछली बार नीचे पायदान पर रहे कानपुर यूनिट को हरिश्‍चंद्र सिंह ने कम समय में ही टॉप फाइव में लाकर खड़ा कर दिया है. वहीं हमेशा विवादों से जूझते रहने वाला लखनऊ यूनिट इंदुशेखर पंचोली के आने के बाद से लगातार नीचे होता जा रहा है. माना जा रहा है कि इस यूनिट के खराब परफारमेंस का कारण यहां पर मौजूद परिस्थितियां तथा आपसी राजनीति जिम्‍मेदार हैं. बरेली, नैनीताल, देहरादून, गोरखपुर, बनारस जैसे यूनिटों का प्रदर्शन औसत रहा है.

नीचे टाप फाइव यूनिटों की रेटिंग

चंडीगढ़ – 3.1
आगरा – 3.1
धर्मशाला -3.0
मुरादाबाद – 2.9
कानपुर – 2.8

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