अमर उजाला वालों ने बुलाया लेकिन नाम व विचार नहीं छापा

Kaushal Sharma : स्थानीय हिन्दी दैनिक अमर उजाला कानपुर ने कल गिरती कानून व्यवस्था में बढ़ते अपराध पर चर्चा के लिए बाकायदा निमन्त्रण पत्र भेज कर अन्य लोगों के साथ कानपुर बार एशोसियेशन के महामन्त्री श्री सर्वेश कुशवाहा, गिरीश नारायण दुबे, एडवोकेट और मुझे भी आमंत्रित किया था। हम सभी लोग परिचर्चा में उपस्थित हुये परन्तु आज प्रकाशित समाचार में हम लोगों की उपस्थिति का कोई जिक्र उनके रिपोर्टर ने नही किया है।

हम लोगों ने सुझाव दिये थे, उसका भी कोई जिक्र नही है। लगता है कि अमर उजाला ने पहले से ही रिपोर्ट तैयार कर ली थी और उसे ही प्रकाशित किया है। वास्तव में इस प्रकार की परिचर्चाओं में जो विचार प्रकट किये जाते है, उन्हें प्रकाशित करना चाहिए। रिपोर्टर को अपने तरीके से विचारों को थोपना नही चाहिये। मुझे इस प्रकार का व्यवहार तनिक भी अच्छा नही लगा। मित्र यदि आपने किसी को परिचर्चा में आमंत्रित किया है और उसने उपस्थित होकर परिचर्चा में भाग लिया, विचार व्यक्त किये तो यदि आप उसके विचारों से असहमत भी है तब भी आपको उसके विचारों को प्रकाशित करना ही चाहिए। अमर उजाला से इस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा नही थी।

कौशल शर्मा के फेसबुक वॉल से.

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