अरविंद की शख्सियत शीला पर भारी पड़ते देखकर मैं खुद इतना खुश क्यों हो रही हूं

Pashyanti Shukla : कहां लोग झाड़ू को घर में छुपाकर रखते थे आज उसे सिर पर सजा कर घूम रहे हैं.. दिल्ली में आपको हर जगह आप चाहें ना चाहें लोग मोर पंख की तरह झाड़ू को सिर पर सजाए मिल जायेंगे…कुछ तो है मिस्टर केजरीवाल..!!! सच्चाई सामने देखकर आंखे बंद नहीं की जा सकती.. आम आदमी पार्टी का असर दिल्ली में गली मुहल्लों सड़क किनारे की उन दुकानों से लेकर बड़े बड़े ऑफिसों में नज़र आ रहा है.. आम आदमी पार्टी वास्तव में एक आम मुद्दा बन गई है..कट्टर कांग्रेसी और बीजेपी को छोड़ दीजिए तो आम लोग अरविंद केजरीवाल में अपना प्रतिनिध देखते हैं…

मैं किसी की क्या कहूं जब मै खुद से ये उत्तर नहीं ढूंढ पा रही कि Economic Times के सर्वे और News Express के लाइव ओपीनियन पोल में अरविंद की शख्सियत शीला पर भारी पड़ते देखकर मैं खुद इतना खुश क्यों हो रही हूं…चेहरे पर मुस्कुराहट क्यों आ जाती है जब कहीं किसी फुटओवर ब्रिज पर तो कहीं किसी बस स्टैंड पर कहीं किसी सिग्नल से रोजी कमाने वालों के सिर पर वो टोपी देखती हूं…

मैंने वास्तव में घर से निकलकर देखा… AAP के टोपी वालों में आपको सरलता दिखेगी… वो किराए के भाड़े के सैलरी पाने वाले लोग नहीं है… वो वास्तव में एक आम आदमी है… 20-50 लाख का सालाना पैकेज पाने वाले भी और 20-50 रुपए ही मात्र रोज़ कमाने वाले भी… उन लोगों का समझाने का अंदाज़ अलग है जिसमें तत्परता सच्चा मन और परिश्रम दिखाई देता है… जो सिर्फ पर्चे बांटना अपना काम नहीं समझते बल्कि पूरे मन से आपको मोटिवेट करते हैं…. कहीं और ना सही लेकिन नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में मुझे लगता है इस बार इतिहास बदलेगा… ज़रूर बदलेगा और अगर इस बार नहीं बदला तो शायद अगले कई दशकों में नहीं बदलेगा… Let's cross fingers.. !!!

पत्रकार रहीं पश्यंती शुक्ला के फेसबुक वॉल से.

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