अरविंद ने मुकेश अंबानी पर कसा ताना – जब आरोप उन्‍होंने लगाए तो नोटिस चैनलों को क्‍यों?

: पत्र लिखकर दी मीडिया को न धमकाने की सलाह  : रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कंपनी द्वारा कई न्‍यूज चैनलों को नोटिस भेजे जाने पर आप पार्टी के अध्‍यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने अरविंद केजरीवाल ने ताना मारा है. अरविंद का कहना है कि जब आरोप उन्‍होंने लगाए तो उनकी बजाय न्‍यूज चैनलों को नोटिस क्‍यों भेजा गया है? इस मामले में अरविंद ने मुकेश अंबानी को एक पत्र भी लिखा है. केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि जब उस प्रेस कांफ्रेंस में मैंने और प्रशांत भूषण ने आरोप लगाए तो फिर न्‍यूज चैनलों को नोटिस भेजे जाने का क्‍या मतलब है? आरोप हमने लगाए परन्‍तु हमें नोटिस नहीं दिए गए, जबकि उन्‍हें लाइव दिखाने वाले चैनलों को डराने के लिए कानूनी नोटिस भेजे गए.

अ‍रविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में साफ लिखा है कि मीडिया को डराना बंद करें. आपके धमकी से मीडिया डरने वाली नहीं है. उल्‍लेखनीय है कि मुकेश अंबानी तमाम न्‍यूज चैनलों द्वारा एक्टिविस्‍ट अरविंद केजरीवाल एवं एडवोकेट प्रशांत भूषण के प्रेस कांफ्रेंस के आधार पर रिलायंस समूह पर आरोप लगाए जाने से नाराज होकर कई न्‍यूज चैनलों को सात पेज का नोटिस भेजा था. जबकि आरोप लगाने वाले अरविंद केजरीवाल एवं प्रशांत भूषण को नोटिस नहीं भेजा गया. इस मामले के संज्ञान में आते ही अरविंद केजरीवाल ने मुकेश अंबानी को पत्र लिखकर मीडिया को डराने के प्रयास की निंदा की है. नीचे अरिवंद का पत्र.


Shri Mukesh Ambaniji

Recently you have sent a legal notice to all TV channels in the county. Their fault is that they “live” telecast the press conference addressed by Prashant Bhushan and me on 31 October 2012 and 9 November 2012.

We, in our press conferences, informed the citizens of India on how you illegally pressured the government for a hike in fuel prices. Our expose was covered “live” by many TV channels. You have sent them a legal notice for defamation suit. I am not able to understand this.

If you have been defamed by Prashant Bhushan and me, then we are at fault. Why has the notice been sent to TV channels and not us? This clearly reveals that your motive was to exert pressure on the TV channels…. According to your company, the “live” telecast by TV channels is a case of defamation.

Just think through: is it really me or Prashant Bhushan or the TV channels who have defamed you, or have you yourself defamed your image by your acts? I request you do not try to threaten the media of this country. There could be a few people in the media who are biased; they can follow you.

Still, there are many journalists who work for this country. They will not be influenced by you. History is witness that such journalists come forward to save democracy. There could be some media houses where you could have directly or indirectly invested money; they could come under your control. But the journalists working for them will not.

Yours, etc

Arvind Kejriwal


मूल खबर – केजरीवाल के आरोपों के आधार पर खबर दिखाने वाले चैनलों को मुकेश अंबानी ने भेजा नोटिस

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