आंचलिक पत्रकार सम्मेलन में दिखा नए पुराने पत्रकारों का संगम

इलाहाबाद। केवट-राम मिलन स्थली श्रृंगवेरपुरधाम में चल रहे 24वें राष्ट्रीय रामायण मेला में आयोजित आंचलिक पत्रकार सम्मेलन में सैकड़ों पत्रकारों का जुटान हुआ जिसमें नए और पुराने पत्रकार साथियों ने मंच साझा किया। युवा पत्रकारों में आदर्श तिवारी, मो कामरान, संजय मिश्र, अनिल पाल थे तो दूसरी तरफ बुजुर्ग पत्रकार रामदेव मिश्र, दयानाथ पांडेय, श्याम नारायण शुक्ल ‘झामगुरू’ सरीखे साठ-सत्तर साला ऊर्जावान पत्रकारों ने भी अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई। युवा-बुजुर्ग पत्रकारों के संगमन ने पत्रकारिता पर अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान ‘ग्रामीण पत्रकारिता की दिशा-दशा और चुनौतियां’ विषयक गोष्ठी में कहा गया कि ग्रामीण पत्रकार बदलते पत्रकारीय परिवेश को समझेंगे तभी चुनौतियों से पार पाएंगे, अन्यथा उन्हें मुख्यधारा से कट जाना पड़ेगा।
 
शुरूआत में जादूगर नागेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जादुई करिश्मे से मंचासीन लोगों का स्वागत किया। वरिष्ठ साहित्यकार व रिटायर्ड आईएएस अफसर श्रीराम यादव ने सुझाव दिया कि ग्रामीण पत्रकारों के सामने सीमित संसाधनों के बीच कई चुनौतियां हैं। वे पेशेगत चुनौतियों का डटकर मुकाबला करें। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद केसरवानी ने ग्रामीण पत्रकारों के लिए संगठन द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकार अपने पेशे को समाजसेवा मानकर ही करें। पत्रकार शिवाशंकर पांडेय ने ग्रामीण पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों और कार्य के समय आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि ग्रामीण पत्रकारों को दोयम दर्जे का मानने वालों को अपनी मानसिकता बदल देनी चाहिए। ग्रामीण अंचलों में पत्रकार की भूमिका एक्टिविस्ट के रूप में भी बन जाती है। इनकी खबरों पर नाराज लोग सबक भी सिखाने की कोशिश करने लगते हैं। कभी इलाके का दारोगा नाराज तो कभी नेताजी और उनके चंगू-मंगू पत्रकारों को ‘दुरूस्त’ कर देने का बीड़ा उठा लेते हैं। इनकी सुरक्षा, संरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बनती है। जिम्मेदारी के साथ इसका निर्वाह किया जाना चाहिए।
 
गोष्ठी में ‘न्याय का प्रहरी’ हिंदी दैनिक के प्रधान संपादक हरिश्चंद्र पटेल ने पत्रकार उत्पीड़न की चर्चा की। गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव, दिगंबर त्रिपाठी, रामसजीवन मिश्र, मो कामरान ने भी गोष्ठी में अपने विचार रखे। संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजीव ओझा ने किया। बाद में पत्रकारों को उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर बालकृष्ण पांडेय, बाघंबर त्रिपाठी, अशोक कुशवाहा, जियासुस्सलाम कुद्दूसी, नागेश तिवारी, हनुमान शुक्ला, सुरेंद्र प्रताप नारायण पांडेय, राकेश शुक्ला, मनीश पटेल, शिवकुमार मौर्या, हरिश्चंद्र त्रिपाठी, रशीद अहमद समेत अन्य कई प्रमुख पत्रकार उपस्थित रहे।
 
इलाहाबाद से वरिष्ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट

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