आईएएस, आईपीएस अफसरों के प्रमोशन रूल्स नहीं, याचिका दायर

यह आश्चर्यजनक किन्तु सत्य है कि वर्तमान में आईएएस, आईपीएस तथा आईएफएस अधिकारियों की प्रोन्नति वैधानिक नियमों के आधार पर नहीं,  कुछ गाइडलाइन्स के आधार पर की जाती है जो अन्य मौजूदा नियमों के विपरीत है. अब आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने कैट, लखनऊ बेंच में भारत सरकार द्वारा आईएएस, आईपीएस तथा आईएफएस की अखिल भारतीय सेवाओं के प्रोन्नति के सम्बन्ध में निश्चित नियमावली बनाए जाने हेतु निर्देशित करने के लिए याचिका दायर किया है. उनके अधिवक्ता रोहित त्रिपाठी हैं.

याचिका के अनुसार अखिल भारतीय सेवा अधिनियम 1951 के नियम 3 में यह प्रावधान दिया गया है कि भारत सरकार द्वारा आईएएस, आईपीएस तथा आईएफएस अधिकारियों के लिए आवश्यक नियम बनाये जायेंगे, लेकिन भारत सरकार द्वारा इन अधिकारियों की प्रोन्नति सम्बन्धी कोई नियम नहीं बनाया गया. इन अधिकारियों की प्रोन्नति इनके सम्बंधित मंत्रालयों द्वारा पारित गाइडलाइन्स के आधार पर होती है, जिनकी अखिल भारतीय सेवा अधिनियम 1951 के नियम 3 के तहत कोई विधिक मान्यता नहीं है.

ये गाइडलाइन्स आईएएस पे रूल्स, आईपीएस पे रूल्स तथा आईएफएस पे रूल्स के स्पष्टतया विपरीत हैं. पे रूल्स के अनुसार इन सेवाओं में प्रोन्नति हेतु न्यूनतम अर्हता की जरूरत होगी, जबकि इन दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कोई न्यूनतम अर्हता नहीं होगी. इसी प्रकार से मौजूदा गाइडलाइन्स में मनमानेपन के लिए काफी स्थान है. ठाकुर ने इस आधार पर प्रोन्नति सम्बन्धी स्पष्ट नियम बनाए जाने और तब तक के लिए कोई भी पदोन्नति नहीं किये जाने की मांग की गयी है. मामले की सुनवाई कल 17 अक्टूबर को होगी.

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