आईएएस दुर्गा के लिए आवाज उठाइए पर पत्रकार धनंजय को मत भूल जाइए

Yashwant Singh : दुर्गा शक्ति नागपाल आईएएस हैं, इसलिए उनकी ईमानदारी और उनका सस्पेंसन बड़ा मसला बन जाता है.. पर जब किसी जिले का एक स्ट्रिंगर, जो संसाधन विहीन होता है, सुविधा विहीन होता है, अपने जान पर खेल कर मंत्री व आईपीएस के गलत आचरण की पोल खोलता है और इसके एवज में अपने उपर फर्जी मुकदमें लदा पाता है तो उसके लिए आवाज उठाने वाला कोई नहीं होता.. संपादकों की संस्थाएं, मालिकों की संस्थाएं, प्रेस काउंसिल आदि दिल्ली मुंबई के बड़े पत्रकारों-संपादकों के दुखों या बड़े मीडिया हाउसों के दुखों पर तुरंत रिएक्ट करती हैं, चौथे खंभा पर हमला बताती हैं लेकिन इन धनंजय सिंह भदौरिया जैसे सामान्य पत्रकार पर हो रहे अन्याय के खिलाफ कौन बोलेगा…

शिवपाल यूपी सरकार में ताकतवर मंत्री हैं, एटा का जो एसएसपी है वह भी सत्ता से संरक्षित है… अब अगर ये लोग किसी स्ट्रिंगर को बर्बाद करने पर लग जाएं तो कितना मिनट लगेगा… धनंजय सिंह भदौरिया उन लोगों को भी पेश कर चुके हैं जिन लोगों को आगे कर उनके खिलाफ मुकदमें दर्ज कराए गए… जिन्हें पीड़ित बताया है पुलिस ने उन लोगों ने लिखकर दे दिया है कि वे कतई पीड़ित नहीं हैं, बल्कि पुलिस वालों ने उन्हें सरकारी पैसे मिलने के प्रलोभन में सादे कागजों पर साइन कराया था… तब भी धनंजय सिंह भदौरिया पर से मुकदमा हटा नहीं है.. धनंजय ने मुझे कथित पीड़ितों के बयान वीडियो फार्मेंट में, डाक्यूमेंट्स, शपथ पत्र आदि मेल से अटैच करके भेजा है… उसे प्रकाशित करा दिया है..

पर सिर्फ भड़ास पर छप जाने से काम नहीं चलने वाला.. इसे यूपी में जंगल राज के खौफनाक मंजर के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसके शिकार कभी हम होते हैं तो कभी आप, कभी दुर्गा होती हैं तो कभी धनंजय होते हैं… इन निकम्मे, जाहिलों, जनविरोधी नेताओं व अफसरों को अब ठीक से सबक सिखाने का वक्त आ गया है… धरती वीरों से खाली नहीं है.. जरूर इन्हें इनके किए की सजा प्रकृति इन्हें हमारे आपके आंखों के सामने ही देगी…

नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप धनंजय के साथ सत्ता-सिस्टम द्वारा किए जा रहे अन्याय के बारे में विस्तार से जान-समझ सकते हैं…

मंत्री शिवपाल और आईपीएस अजय मोहन की पोल खोलने वाले पत्रकार पर फर्जी मुकदमें

http://bhadas4media.com/article-comment/13388-2013-07-29-13-32-38.html


भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

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