आईपीएफ संयोजक को वार्ता के लिए बुलाकर लाकअप में डाला

: लाकअप में महेश सिंह से गोंडा के एसपी ने मारपीट की और फर्जी धाराएं लगाकर जेल भेज दिया : अखिलेश का आरोप- अखिलेश राज में माफियाओं-सामंतों की लठैत बनी पुलिस : लखनऊ : गोंडा में पुलिस द्वारा आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक महेश सिंह की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना करते हुए आईपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि अखिलेश राज में प्रदेश में गुंडाराज की वापसी हो गयी है। उन्होंने कहा कि खासकर गोंडा जिला सामंतों-माफियाओं की लूट और दमन का अखाड़ा बन गया है।

आए दिन निर्दोष लोगों की हत्या, उनके ऊपर दमन, महिलाओं और कमजोर तबकों का उत्पीड़न यहां के लिए आम बात हो गयी है। सामंतों और माफियाओं की इस कमान को इस जिले में पुलिस अधीक्षक गोंडा ने संभाल रखा है, वह सपा विधायक और मंत्रियों के साथ मिलकर उन लोगों के खिलाफ अभियान में उतरे हैं, जो लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के हामी हैं और किसानों, नागरिकों के अधिकार के लिए लड़ते हैं।

जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्षरत आइपीएफ जिला संयोजक महेश सिंह की कल गिरफ्तारी और पुलिस लाकअप में एसपी द्वारा खुद मारपीट करना गोंडा में जनता की आवाज को दबाने की कोशिश है, जिसका मुकाबला जनांदोलन के द्वारा किया जायेगा और गोंडा को पुलिस की चारागाह नहीं बनने दिया जायेगा। इस गिरफ्तारी के विरूद्ध आज महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा गया है और गोंडा में 'लोकतंत्र बचाओ-गोंडा बचाओ' अभियान की शुरुआत की गयी है।

उन्होंने बताया कि पिछले दिनों भी कर्नलगंज में एकाएक मंदिर की मूर्ति का मुकुट चोरी हो गया लेकिन पुलिस आज तक इसका पर्दाफाश नहीं कर सकी। कर्नलगंज में एक अपाहिज के बेटे को सपा समर्थित दबंगों ने धर में बंद कर मारा पीटा और आतंक से वह भाग गया। परिवारवालों ने लड़के के मारे जाने की आशंका बतायी और एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस से कई बार अपील की पर एफआईआर दर्ज नहीं की गयी। महेश सिंह ने एफआईआर दर्ज कराने की उसके परिवार की लोकतांत्रिक मांग समर्थन किया तो सपा विधायक और उसके इशारे पर काम करने वाली पुलिस के आला अधिकारियों की आंख की वह किरकिरी हो गये।

कर्नलगंज घंटाघर में हुई आमसभा में एसपी ने सपा विधायक के साथ भाषण किया, जिसमें एसपी ने महेश के खिलाफ जहर उगला। इतना ही नहीं कथित मंदिर निर्माण विवाद के सवाल पर महेश सिंह को वार्ता के लिए एसपी ने बुलाया और गोंडा कोतवाली के लाकअप में डाल दिया। हद तो यह हो गयी कि लाकअप से महेश को निकालकर एसपी द्वारा उनके साथ बदतमीजी करके उन्हें जेल भेज दिया। गौर करने लायक बात यह है कि हर घटना को एक साम्प्रदायिक स्वरूप देने की कोशिश एसपी द्वारा की जा रही है। उन्होंने सभी वामपंथी, जनवादी, नागरिक समाज और जनपक्षधर ताकतों से अपील की कि गोंडा को राजाओं, सामंतों, माफियाओं, पुलिस का चारागाह नहीं बनने देने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए 'लोकतंत्र बचाओ-गोंडा बचाओ' अभियान में शिरकत करें। 

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