आईपीएस एसोसियेशन के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचा आईपीएस अफसर

Amitabh Thakur : अभी कुछ देर पहले मैं यूपी आईपीएस एसोसियेशन के पदाधिकारियों के विरुद्ध धारा 3(1) पुलिस बल (अधिकारों का निषेध) अधिनियम 1966, जिसके अनुसार कोई भी पुलिसकर्मी बिना सरकार के अनुमति के कोई एसोसियेशन नहीं बना सकता, के उल्लंघन पर एफआईआर दर्ज कराने थाना महानगर, लखनऊ गया. थाने पर मेरा प्रार्थनापत्र रख लिया गया और मुझे एक पीली पर्ची (रसीद) दे दी गयी जबकि धारा 154(1) सीआरपीसी के अनुसार इसमें एफआईआर दर्ज होना चाहिए था. अब मैं धारा 154(3) सीआरपीसी के अंतर्गत एसएसपी लखनऊ को एफआईआर के लिए पोस्ट द्वारा प्रार्थनापत्र भेज रहा हूँ.

Just went to police station Mahanagar, Lucknow presenting an application for registration of FIR against office-holders of the UP IPS Association for being in violation of section 3(1) of the Police Forces (Restriction of Rights) Act 1966 which says that policemen can form an association only after taking due permission from the State government. The police officer received the application and gave a yellow- coloured receipt while as per section 154(1) CrPC , an FIR should have been registered. Shall now send a letter by post for registration of FIR to the SSP, Lucknow as prescribed in section 154(3) CrPC.

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के फेसबुक वॉल से.

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