आई नेक्स्ट के संपादक को प्रेस काउन्सिल ने दिखाया आईना

: नूतन ठाकुर का अखबार में पक्ष रखने देने का निर्देश संपादक को दिया : “यह हैं property के सबसे बड़े शौक़ीन” नाम से 20 अक्टूबर 2011 को आई नेक्स्ट, लखनऊ संस्करण के पृष्ठ 03 तथा 21 अक्टूबर 2011 को मेरठ संस्करण में छपे समाचार के सम्बन्ध में  मैंने प्रेस काउन्सिल ऑफ इंडिया को 31 अक्टूबर 2011 को पत्र प्रेषित कर के उस समाचार के एकपक्षीय होने और इसमें मेरे द्वारा अपना पक्ष प्रस्तुत करने के बाद भी उसे प्रकाशित नहीं करने के बारे में शिकायत की थी.

अब मुझे इस सम्बन्ध में प्रेस काउन्सिल ऑफ इंडिया का पत्र मिसिल संख्या 14/416/11-12-पी.सी.आई. दिनांक 15/05/2012  प्राप्त हुआ है जिसमे संपादक, आई नेक्स्ट, मेरठ को आदेशित किया है कि समाचारपत्र द्वारा मुझ वादी को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाए. साथ ही यह आदेश भी दिया गया है कि संपादक, आई नेक्स्ट मुझ वादी द्वारा प्रस्तुत खंडन प्रकाशित करें और प्रकाशित खंडन की एक प्रति परिषद एवं वादी को उपलब्ध कराएं.

चूँकि यह समाचार आई नेक्स्ट मेरठ के अतिरिक्त आई नेक्स्ट लखनऊ तथा कई अन्य संस्करणों में भी छपा था अतः मैंने प्रेस काउन्सिल को पत्र लिख कर निवेदन किया है कि न्याय और प्रेस नियमों के अनुरूप आई नेक्स्ट, मेरठ के संपादक के अतिरिक्त आई नेक्स्ट लखनऊ के संपादक को भी निर्देशित करने की कृपा करें कि जिन-जिन संस्करणों में उपरोक्त समाचार (बिना मेरा पक्ष जाने) प्रकाशित हुए, उन सभी संस्करणों में मुझ वादी द्वारा पूर्व में प्रस्तुत खंडन “मुझसे सम्बंधित एक समाचार के सन्दर्भ में कृपया प्रकाशनार्थ” प्रकाशित करने/ करवाने की कृपा करें.

डॉ नूतन ठाकुर, लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन आईआरडीएस की कन्वेनर

 

प्रेस काउन्सिल ऑफ इंडिया को प्रेषित पत्र—

सेवा में,
अध्यक्ष,
प्रेस काउन्सिल ऑफ इंडिया,
नयी दिल्ली
विषय- आई नेक्स्ट लखनऊ एवं आई नेक्स्ट मेरठ में दिनांक 20 अक्टूबर 2011 को प्रकाशित एक समाचार के सम्बन्ध में
महोदय,

मेरे द्वारा पूर्व में प्रेषित पत्र संख्या NT/PCI-IN/LKO/01 दिनांक 31/10/2011 और अन्य प्रेषित अनुस्मारकों के सम्बन्ध में आप द्वारा प्रेषित पत्र मिसिल संख्या 14/416/11-12-पी.सी.आई. दिनांक 15/05/2012  का सन्दर्भ ग्रहण करें जिसके माध्यम से आपके संपादक, आई नेक्स्ट, मेरठ को आदेशित किया है कि समाचारपत्र द्वारा मुझ वादी को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाए. साथ ही यह आदेश भी दिया गया है कि संपादक, आई नेक्स्ट मुझ वादी द्वारा प्रस्तुत खंडन प्रकाशित करें और प्रकाशित खंडन की एक प्रति परिषद एवं वादी को उपलब्ध कराएं.

पुनः निवेदन है कि यह लेख “यह हैं property के सबसे बड़े शौक़ीन” नाम से 21 अक्टूबर 2011 को मेरठ संस्करण में छपने के पूर्व 20 अक्टूबर 2011 को आई नेक्स्ट, लखनऊ संस्करण के पृष्ठ 03 पर भी छपा था जिस सम्बन्ध में मैंने समाचारपत्र के संपादक एवं उप संपादक को फोन, ईमेल तथा पत्र भेज कर “मुझसे सम्बंधित एक समाचार के सन्दर्भ में कृपया प्रकाशनार्थ” (प्रतिलिपि संलग्न) तथ्य प्रेषित किये थे. मेरी जानकारी के अनुसार यह समाचार आई नेक्स्ट मेरठ और लखनऊ के अतिरिक्त आई नेक्स्ट के अन्य समस्त संस्करणों में भी छपा था.

उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत आपसे निवेदन है कि न्याय और प्रेस नियमों के अनुरूप आई नेक्स्ट, मेरठ के संपादक के अतिरिक्त आई नेक्स्ट लखनऊ के संपादक को भी कृपया निर्देशित करने की कृपा करें कि जिन-जिन संस्करणों में उपरोक्त समाचार (बिना मेरा पक्ष जाने) प्रकाशित हुए, उन सभी संस्करणों में मुझ वादी द्वारा पूर्व में प्रस्तुत खंडन “मुझसे सम्बंधित एक समाचार के सन्दर्भ में कृपया प्रकाशनार्थ” प्रकाशित करने/ करवाने की कृपा करें.

पत्र संख्या- NT/PCI-IN/LKO/01

दिनांक- 26/05/2012

भवदीया

डॉ नूतन ठाकुर

5/426, विराम खंड,

गोमतीनगर, लखनऊ

# 94155-34525

प्रतिलिपि- संपादक, आई नेक्स्ट, मेरठ को पूर्व में “मुझसे सम्बंधित एक समाचार के सन्दर्भ में कृपया प्रकाशनार्थ” प्रेषित पत्र की प्रति अध्यक्ष, प्रेस काउन्सिल के निर्देशों के अनुक्रम में कृपया प्रकाशनार्थ प्रेषित

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