आकाशवाणी और दूरदर्शन में कर्मचारियों की भारी कमी

नई दिल्ली : सूचना और प्रसारण मंत्री श्रीमती अम्बिका सोनी ने राज्‍य सभा को यह जानकारी दी कि सामान्‍यतया दूरदर्शन केन्‍द्रों, टीवी ट्रांस्‍मीटरों और आकाशवाणी केंन्‍द्रों का कामकाज संतोषजनक है। तथापि, दूरदर्शन नेटवर्क में स्‍टॉफ का भीषण अभाव है और अनेक वर्षों से नई परियोजनाओं की देख-रेख करने के लिए स्‍टॉफ संस्‍वीकृत या भर्ती नहीं किया गया है। पर्याप्‍त स्‍टॉफ की अनुपलब्‍धता के कारण जनजातीय क्षेत्रों के 21 ट्रांसमीटरों सहित 46 अल्‍पशक्ति ट्रांसमीटर आंशिक ट्रांसमिशन का रिले कर रहे हैं और जनजातीय क्षेत्रों के 7 केन्‍द्रों सहित 23 स्‍टूडियो केन्‍द्रों के कार्यकलाप सीमित हैं।

जहां तक आकाशवाणी का संबंध है, जनजातीय जिलों में कार्यशील 71 केन्‍द्रों में से 18 केन्‍द्र जनशक्ति के अभाव के कारण अधिकतम कार्य-निष्‍पादन से कम पर कार्यशील हैं। इसके अतिरिक्‍त, इन 18 केन्‍द्रों में से 11 केन्‍द्रों पर बहुत पुराने ट्रांसमीटर लगे हुए हैं और समय बीतने के साथ उनकी दक्षता में कमी आयी है।

सूचना और प्रसारण मंत्री श्रीमती अम्बिका सोनी ने आज राज्‍य सभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में बताया कि प्रसार भारती ने सूचित किया है कि दिनांक 31 मार्च 2012 तक की स्थिति के अनुसार 67 दूरदर्शन केन्‍द्र (स्‍टूडियो केन्‍द्र) और विभिन्‍न क्षमता के 1415 टीवी ट्रांसमीटर कार्यशील थे। इनमें से, 22 स्‍टूडियो केन्‍द्र और 529 टीवी ट्रांसमीटर जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थित हैं। जहां तक आकाशवाणी का संबंध है, दिनांक 31 मार्च, 2012 तक की स्थिति के अनुसार देश भर में कुल 275 प्रसारण केन्‍द्र कार्यशील हैं। इनमें से, आकाशवाणी के 71 प्रसारण केन्‍द्र जनजातीय जिलों के क्षेत्रों में अवस्थित हैं।

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