आगरा बना मीडिया मंडी : पुष्‍प सवेरा भी मैदान में उतरने को तैयार

आगरा से एक नए अखबार पुष्प सवेरा की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। कंस्ट्रक्शन कंपनी पुष्पांजलि के इस प्रोजेक्ट की लांचिंग अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। करीब तीन माह से अखबार की डमी प्रकाशित हो रही है। मानस नगर-बोदला मोड़ जैसे महंगे इलाके में ग्रुप ने अपनी एक शॉपिंग कम रेजिडेंशियल काम्प्लैक्स में शानदार कार्यालय बना लिया है, भर्तियों का काम अंतिम चरणों में है। आगरा के कई पुराने एवं स्थापित पत्रकार ज्वाइन कर चुके हैं।

पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में खासा जाना-पहचाना नाम है। ग्रुप के प्रोजेक्ट आगरा समेत नोएडा, गाजियाबाद जैसे शहरों में भी चल रहे हैं। आगरा में बड़ा पुष्पांजलि हॉस्पिटल भी है। डॉ. वीडी अग्रवाल समूह के चेयरमैन हैं। ग्रुप अपने नए प्रोजेक्ट को लेकर खासा गंभीर है, इसका अंदाजा तैयारियों से लग जाता है। शानदार आफिस, पहले चरण में ही 100 के आसपास कंप्यूटर और बड़े पैमाने पर भर्तियां बताती हैं कि गंभीरता का स्तर क्या है। समाचार पत्र का डमी संस्करण छप रहा है, इसलिये कार्यालय में पूरी गति से कार्य होने लगा है। डमी की गुणवत्ता भी अच्छी बताई जा रही है। दिल्ली-लखनऊ में ब्यूरो कार्यालय भी खुल रहे हैं, जल्द ही डाक संस्करण के लिए आगरा-अलीगढ़ मंडल के जिलों में यह प्रक्रिया शुरू हो रही है। कार्यालयों को भारी-भरकम सूचना तंत्र से लैस किया जा रहा है।

'आज' और फिर 'अचिंकन भारत' में समाचार संपादक रहे ओम ठाकुर को समाचार पत्र का स्थानीय संपादक बनाया गया है। वह लंबे समय तक ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष भी रहे हैं। 'सी-एक्सप्रेस' के सिटी इंचार्ज रहे शरद चौहान यहां भी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दैनिक जागरण से जगदीश पुरी ने ज्वाइन किया है। 'आज' में शशि शेखर के कार्यकाल में करियर शुरू करने वाले और फिर अमर उजाला, दैनिक जागरण में करीब 12 साल विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके अनिल दीक्षित को डेस्क प्रभारी बनाए जाने की चर्चाएं हैं। उन्हें दैनिक जागरण समूह के बाई लिंगुअल अखबार 'आई-नेक्स्ट' के आगरा संस्करण का लांच कराने का भी अनुभव है। इस समाचार पत्र के आगरा और कानपुर संस्करण में वह तीन साल डेस्क प्रभारी रहे हैं। अनिल दीक्षित इससे पूर्व कल्पतरू एक्सप्रेस में संपादकीय प्रभारी बनाए गए थे लेकिन बाद में उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। इसके बजाए उन्होंने साहित्य भवन प्रकाशन की प्रतियोगिता साहित्य मैग्जीन में संपादक के रूप में ज्वाइन किया था।

समाचार पत्र में सी-एक्सप्रेस से कई लोगों ने ज्वाइन किया है जिसमें फीचर डेस्क प्रभारी जैसे अहम पदों पर बैठे लोग भी शामिल हैं। कल्पतरू से पूरी टीम के यहां ज्वाइन करने की चर्चाएं भी स्थानीय मीडिया जगत में जोर-शोर से चल रही हैं। बड़े अखबारों के असंतुष्ट लोग भी संपर्क साध रहे हैं। किसी नए अखबार में जिस तरह स्तर वाले और स्तरहीन सभी पत्रकार मौका पा जाते है, जो यहां भी हो गया है। कल्पतरू एक्सप्रेस से निष्कासित एक पत्रकार ने अपना बड़ा जोड़-गुणा गणित समझाकर मौका पा लिया है और कोशिश कर रहे हैं कि गुट के अन्य लोग भी यहीं रोजगार पा जाएं। हालांकि प्रबंधन की कोशिश स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की है ताकि स्टाफ के जाने पर बार-बार का सिरदर्द न झेलना पड़े। चर्चा यह भी है कि लांचिंग से पूर्व ही इस पत्रकार की विदाई हो सकती है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

 

 
 

 

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