आजतक पर प्रकट हो गए विनोद दुआ!

Zafar Irshad : क्या मशहूर पत्रकार विनोद दुआ ने एनडीटीवी छोड़ दिया है .?.यह सवाल इस लिए मन में आया की आज न्यूज़ पेपर में एक विज्ञापन निकला है, जिसमे बताया गया है विनोद दुआ के प्रोग्राम आप इस समय दिल्ली आजतक और दूरदर्शन पर देखिये, और आकशवाणी और आजतक के रेडियो ऍफ़ एम पर सुनिए…अगर यह खबर सही है, तो दुर्भाग्य पूर्ण है, क्योंकि प्रणव रॉय और विनोद दुआ को बचपन में ब्लैक वाइट टीवी पर देखता आ रहा हूँ, और आज भी दुआ जब अपने "ज़ायका इंडिया का " प्रोग्राम में यह कहते थे की एक एकलौते हम ही है जो देश के लिए खाते है, तो बरबस चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी…एनडीटीवी मैं केवल विनोद दुआ और रविश कुमार की वजह से ही देखता था…अच्छा नहीं लगा दुआ का यूँ एनडीटीवी से जाना…पता नहीं क्या कारण है.?.जो रॉय और दुआ की कम से कम 20 साल पुरानी दोस्ती टूट गयी….

Iqbal Ahmad Agar sahi baaat hai to NDTV ka zaika hi bigad jayega

Ameeque Jamei Woh shayad ndtv ke mulazim kabhi nahi rahe azaad khyaal ke shaks hai kuchh program dia kartr the aur woh to desh ke liye khate aur likhne wale logo me se hai
 
Sanjog Walter SAD NEWS
 
Rj Prabhakar Gupta what a breaking news
 
Sheeba Aslam Fehmi Ravish Kumar to theek, lekin Vinod Dua ne journalism me contribute karna to kab ka chhora. Unki kami nahi khalegi, wo kuchh karte hi nahi they ab. Achha hua chale gaye.
 
Rj Prabhakar Gupta me sharing ur post
 
Ramesh Kumar Bimal सब माया और कुर्सी का कमल है।
 
Syed Haider lack of knowledge on the subject force me to acknowledge your view ..
 
Priyanka Singh यही दुआ जी नक्सलवादियों पर स्टोरी करते हुए पूछते हैं कि क्या सारे आदिवासी नक्सलवादी हैं…? ठीक वैसे जैसे कोई पूछे क्या सारे मुसलमान आतंकवादी हैं…. जैसे कोई कह रहा हो कि आप या तो इधर है या उधर हैं.

Sp Dogra A sad breaking news for me !
 
Zishan Haider mujhe bhi samajh nahi aaya ki maajra kya hai. main ne 3 hafte pahle dua sahab ka FB pe open letter dekha Roy k naam. bada saqt lehja tha. lekin 2 din pahle hi ndtv pe dekha dua sahab ko zayaqa prog me.. aakhir maajra hai kya..
 
Mohit Kandhari ab woh sach dikhate nahin chipata hain aur dua saab ko bhi haqekaat raas nahin aa rahi hogi
 
Nitin Somkuwar ji so sad mai bhi dono ka jabrdst fan raha hu..
 
Manish Bhartiya सन १९८५ में इनके कार्यक्रम जिसमे ये जनता के सवलों और समस्याओं से सीधे मंत्रियों को रूबरू कराते थे का लाभ मेरे परिवार को भी मिला था और गैस एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही हुई थी. वैसे जफ़र भाई जब दोस्ती के बीच सत्ता की चाशनी आ जाये तो कुछ भी हो सकता है, सुना है दुआ साहब पोलिटिकल जौर्नलिस्ट बनना चाहते थे और प्रणब राय ने ऐसा होने नहीं दिया.
 
Zafar Irshad Sheeba Aslam Fehmi…Madam aap shayed woh DARD nahi samajhti hai jo ko employee kisi Media house me apni zindagi ke keemti 20-25 saal laga kar chorta hai use…Woh Media House uska apna ghar ho jaata hai kyoki din ke 12 se 15 hrs wo wahi guzarta hai…aap Journalist nahi hai is liye kisi Journalist ka DARD nahi samajh payengi…"Kuch to Majbooriya rahi hongi u hi koi Bewafa nahi hota" Mohtarma….
 
Zafar Irshad Is mudde par agar BHADAS ke Yashwant Singh ji kuch prakash daale to behtar hoga bcoz unke paas Media ki har jaankari rahti hai…
 
Vineet Kumar Singh Vinod Dua ne kaafi kade shabdon mein Pranav Roy ki alochna ki thi… kaha tha ki unko Roy ne dhokha diya hai
 
Shahnawaz Akhtar Vindo Dua has mention it in his tweet that Roy betrayed him.. he had also said that Roy had promised him for a political show but later he refused…it is indeed a sad happening as both these people were known for good journalism and were considered good humans too!
 
Mohd Uzair IT SAD NEWS FOR ME ONLY TWO PERSON IN NDTV 1.RAVISH KUMAR 2.VINOD
 
Yashwant Singh इरशाद भाई, मेरे पास उतनी ही जानकारी है जितनी आप लोगों के यहां. संडे को आजतक पर दुआ का इंटरव्यू देखा, जो दिल्ली सेंटर्ड प्रोग्राम के लिए था… उस इंटरव्यू में जिस जिस तरह के सवाल जवाब हुए उससे लगा कि दुआ अब एनडीटीवी के साथ नहीं हैं और बीच-बचाव, मध्यस्थता की कोशिशें सफल नहीं हुईं.. दुआ-राय प्रकरण कुछ वैसा ही है कि दो मित्रों में एक मित्र उद्योगपति बन जाए और दूसरा मजदूर बना रहे.. एक दिन उद्यमी अपने मजदूर को अपनी कंपनी से निकाल दे… और मजदूर चिल्लाए कि ये साला मालिक कभी मेरा मित्र था और मेरा इस्तेमाल करके इतना बड़ा आदमी बन गया और अब मुझे ही निकाल दिया… यह ऐसी परिघटना है जो हमेशा घटित होती है और ऐसे में ही मार्क्स बाबा का वह दर्शन याद आता है कि जब आदमी का क्लास बदलता है तो उसका उसी मुताबिक कैरेक्टर भी बदल जाता है..

Zafar Irshad Thanks Yashwant Singh bhai…Aap ne bahut sahi tareeke se Vishleshan kiya…Isi liye BHADAS aur Aap itna famous hai…

कानपुर के वरिष्ठ पत्रकार जफर इरशाद के फेसबुक वॉल से.

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