‘आजतक’ में भरोसे का नाम विकास मिश्रा… ऐसे ही बढ़ते रहो…

Amarendra Kishore : आज चर्चा एक ऐसे इंसान की जिसने वक़्त के साथ खुद को बदला–मगर ज़िन्दगी के न रंग उसने बदले और न ढंग, तर्ज़ तो बिलकुल नहीं। भारतीय जन संचार संस्थान के हमारे संगी विकास मिश्र Vikas Mishra– जिसने गाँव से आकर शहर और महानगर को अपने दिल में बसाने के बजाये उसे अपने दिमाग में रखकर ज़िन्दगी की बिसात बिछायी–जो जैसा वैसा हे खुद को बनाया मगर अपना पूरबिया अंदाज नहीं छोड़ा–चाहे कोई कुछ भी कहे। हमने कभी साथ-साथ काम किया था मगर मालिक से नैतिक विरोध हुआ तो मुझे वह नौकरी छोड़नी पड़ी।

उसके बाद विकास ने मेरठ जाकर पत्रकारिता का अपना विजय ध्वज फहराया। उन्हीं दिनों मैंने कहा था कि तुम्हारे जैसे लोगों की ख़ास जरूरी टेलीविजन पत्रकारिता को है। इसके बाद विकास ने पीछे मुड़कर देखा नहीं। वैसे भी वह पीछे देखता नहीं और न ही ज़िंदगी और धंधे के खेल में परदे पर आना उसे मंजूर है। वह जो भी करता है परदे के पीछे। तभी तो संस्थान में एक दिन साथियों के नाम और उसके आगे स्लोगन का पोस्टर विकास ने मेरे यमुना विहार स्थित निवास पर रात भर जागकर तैयार किया और कक्षा में चिपकाया–यह राज आज तक राज ही है।

विकास मिश्रा
विकास मिश्रा

आजतक न्यूज चैनल में विकास आज भरोसे का प्रतीक है। 'वंदे मातरम्', कार्यक्रम में उसकी सक्रियता और योगदान को मैं सलाम करता हूँ। यह कार्यक्रम टीआरपी में नंबर वन आया है। विकास ऐसे ही बढ़ते रहो।

अमरेंद्र किशोर के फेसबुक वॉल से. उपरोक्त पोस्ट पर आईं कुछ टिप्पणियां यूं हैं…


    Vikas Mishra धन्यवाद अमरेंद्र, ये तुम्हारा अपनापन और प्यार बोल रहा है। तुम्हारे साथ युवाकाल की कई अविस्मरणीय यादें जुड़ी हैं। जहां तक वंदे मातरम् की बात है तो इसमें एक पूरी टीम लगी हुई है। श्वेता सिंह की स्क्रिप्ट है, मैंने स्क्रीन प्ले लिखा है, प्रोडक्शन में हमारी प्रोग्रामिंग और क्राइम की टीम है। पूरा टीम वर्क है।
 
    Amarendra Kishore युवाकाल की कई अविस्मरणीय यादें —-hahahahahahahahahahah…..कटी उंगली से कैन फोड़ने वाली यादें.
 
    Pawan Jindal Keep going Vikas……..
   
    Sugandha Srivastava K Yes. Vikas sir is really great person.
    
    Amrita Maurya I am proud of you Vikas, we had such a great time there in IIMC n we had seen that spark in you there only. I think highly of you. Thanks Amrendra for telling our feelings in your words.
    
    Ratnessh Srivastwa Kahan aa gaye Hum, युवाकाल की कई अविस्मरणीय यादें ke baad MID-LIFE ke maze tak.
     
    Ratnessh Srivastwa "कटी उंगली से कैन फोड़ने वाली यादें" Bhai Vikashji yeh chakkar kya hai.
     
    Vikas Mishra Ratnessh Srivastwa दिल्ली आ ही रहे हो, सब बता दिया जाएगा।
     
    Amarendra Kishore विकास से किस्सागोई अंदाज में सुनना अपने आप में एक ख़ास अनुभव होगा। बात पुरानी है–अप्रैल १९९६ की. घटना भोपाल की.–रात १२ बजे–इसके आगे विकास से.………
 
    Amrita Maurya By the way…..ye kaun -sa channel tune kiya hai?
 
    Vikas Mishra Amrita Maurya छुट्टी लेकर सोमवार को तुम भी आ जाओ, लाइव देख लेना।


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