आजमगढ़ में लोकल राजनीति की शिकार हो गईं डा. हेमबाला

आजमगढ़ के कांग्रेसी इन दिनों राहुल कि सभा के बाद बहुत उर्जावान लग रहे हैं. बीते दिनों हुई बीते दिनों राहुल की सभा में जनता भी जुटी और अपना चेहरा दिखाने के लिए कांग्रेसी भी. बरसात के मेढक की तरह कुर्ता-पायजामा वाला नेताओं की संख्या बढ़ सी गई हैं. यहाँ बस सपा और बसपा में हर सीटों में लड़ाई नजर आती हैं. कांग्रेस ने अभी तक एक सीट पर अपना प्रत्याशी भी घोषित नहीं किया हैं वही लोकल कांग्रेसी राजनीति की शिकार निजामबाद सीट से प्रत्याशी डॉ. हेमबाला यादव हो गई. मुख्यालय को चिट्ठियां लिख-लिख के आखिर एक महिला का टिकट कटवाकर इनदिनों कांग्रेसियों का ग्रुप बहुत खुश हैं.

यह जनपद कुछ सालों में किसी न किसी कारण सुर्ख़ियों में रहा हैं. राहुल के साथ जनपद जन संपर्क अभियान में आये दिग्विजय सिंह के बाटला पर दिए गए बयान से हंगामा पूरे देश में मचा. पूर्व समाजवादी नेता अमर सिंह का गृह जनपद भी हैं. मुलायम सिंह ने साल के पहले दिन यहाँ अपनी सभा रखी थी लेकिन पानी बरसने के कारण हवाई जहाज़ से आ नहीं पाए. लेकिन साल के पहले दिन जुटी भीड़ ने सपा के बढ़ते जनाधार को दिखा दिया. बसपा ने कई विधायकों का टिकट काट दिया और बीजेपी सांसद रमाकांत यादव का बेटा, भतीजा और पत्नी चुनाव लड़ रहे हैं.

डॉ. हेम बाला यादव एक ऐसे परिवार से हैं जो आजमगढ़ जनपद में अपना स्थान रखता हैं. मेडिकल सेवा के साथ ही सामाजिक सरोकार के लिए डॉ. साहब की अपनी एक अलग पहचान हैं. कांग्रेस ने निजामबाद सीट से इन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था. डॉ. हेम बाला सुबह ही जन संपर्क के लिए निकल जाया करती थी. लेकिन लोकल कांग्रेसियों को लिफ्ट न देना भारी पड़ गया और टिकट कट गया. टिकट क्यों कटा इसपर कोई कुछ कहने को तैयार नहीं हैं. दबे जुबान से यह भी चर्चा हैं कि कांग्रेसियों ने दूसरे पार्टी कि उम्मीदवार को जिताने के लिए डॉ. हेम बाला का टिकट कटवाया हैं. खैर जो भी हो, डॉ. हेम बाला अब अपने मरीजो को देख रही हैं औए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का सपना देख रही है.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *