आतंकी साजिश के आरोप में अरेस्‍ट पत्रकार को एनआईए ने छोड़ा

बैंगलोर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की एक विशेष अदालत ने बड़ी हस्तियों के कत्ल और आतंकवादी साज़िश रचने के आरोप में गिरफ्तार एमआर सिद्दीकी को छह महीने बाद रिहा कर दिया है. एजेंसी ने कहा कि उनके पास एमआर सिद्दीकी के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं. ग़ौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में एमआर सिद्दीकी के साथ 12 अन्य लोगों को बड़ी हस्तियों को मारने की साजिश रचने और आतंकवादी संगठन से साठगांठ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

सिद्दीकी के साथ एक और शख्स यूसुफ़ नालबंद को भी रिहा किया गया है. नालबंद एक इलेक्ट्रिकल शॉप मे काम करता था. रिहाई के बाद मोतिउर्रहमान सिद्दीकी ने कहा, "मैं जल्द ही अपने पुराने पेश की शुरुआत करूंगा, लेकिन कुछ  दिन तक जेल की कड़वी यादें भुलाने में लगेगा. हम वापस रिपोर्टिंग में लौटना चाहते है." याद रहे कि पुलिस ने सिद्दीकी और दूसरे 12 लोगों की गिरफ्तारी के बाद दावा किया था कि उनका संबंध आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से है और वे बड़ी हस्तियों को मारने की साजिश रचने रहे थे.

सिद्दीकी ने रिहाई के बाद कहा, "पुलिस ने हमें जबरदस्ती गुनाह कबूल करने का दबाव डाला, लेकिन एनआईआई की जांच में मैं बेकसूर साबित हुआ." सिद्दीकी बैंगलोर में एक बड़े अखबार के क्राइम बीट के रिपोर्टर थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पुलिस को यक़ीन दिलाना मुश्किल था कि वे एक आतंकवादी नहीं हैं. सिद्दीकी के साथ गिरफ्तार हुए 10 और लोग जेल में हैं और अभी तक उनके खिलाफ जांच पूरी नहीं हुई है. (एबीपी)

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