आम्रपाली शर्मा ने फेसबुक से जूम एडिटर उमर कुरैशी से संबंधित टिप्पणी रिमूव किया़

स्टार इंडिया में एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर प्रोग्रामिंग आम्रपाली शर्मा ने कल एफबी पर एक वाकये का जिक्र किया था. इसमें उन्होंने जूम टीवी के अपने कार्यकाल के दौरान जूम के एडिटर और क्रिएटिव हेड उमर कुरैशी द्वारा किए गए एक कमेंट का विस्तार से उल्लेख करते हुए उसे सेक्सुवल हैरसमेंट करार दिया था. आम्रपाली शर्मा के उस एफबी स्टेटस अपडेट को भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित कर दिया गया. उसके बाद तो जैसे बवाल मच गया. जूम से लेकर अन्य चैनलों तक से फोन आने लगे.

भड़ास ने किसी दबाव को मानने से इनकार कर दिया और स्पष्ट कर दिया कि अगर किसी ने अपनी आइडेंटिटी के साथ कोई बात एफबी पर पूरी गंभीरता के साथ लिखी है, तो उसे भड़ास पर प्रकाशित करके कुछ भी गलत नहीं किया गया है. अंततः दबाव की दिशा मोड़ दी गई और आम्रपाली शर्मा ने कल देर रात तक अपने एफबी एकाउंट के वाल से जूम एडिटर उमर कुरैशी से संबंधित स्टेटस अपडेट को रिमूव कर दिया. उसके बाद उन्होंने भड़ास4मीडिया को फोन कर भड़ास पर शेयर किए गए उनके एफबी स्टेटस अपडेट को हटाने का अनुरोध किया.

खैर, जिसने आरोप लगाया था, जिसके साथ घटना घटित हुई, वही जब अपने वक्तव्य से मुकर गई तो फिर भड़ास पर अलग-थलग कैसे प्रकाशित रखे रहा जा सकता था. आज दोपहर को भड़ास से भी आम्रपाली शर्मा द्वारा उमर कुरैशी पर लगाए गए आरोप को हटा दिया गया. लेकिन इस बीच नई बात ये हुई कि भड़ास को बेनेट कोलमैन कंपनी की तरफ से एक लीगल नोटिस भी भेज दिया गया, जिसमें आम्रपाली शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए भड़ास पर छपी इससे संबंधित खबर की तरफ ध्यान दिलाया गया था.

नौकरी बचाए रखने और टाइम्स ग्रुप से संबंध न बिगड़े, संभवतः इन कारणों से भले ही आम्रपाली ने अपने साथ हुए खराब व्यवहार की घटना का लिखित रूप से जिक्र करने के बाद उसे रिमूव कर दिया और उनके अनुरोध को ध्यान में रखते हुए भड़ास ने भी खबर को हटा दिया, लेकिन अगर टाइम्स ग्रुप को लगता है कि वह लीगल नोटिस भेजकर भड़ास को धमका लेगा तो बता दें कि वह बहुत बड़ी गलतफहमी का शिकार है. ऐसी खबरें पता चलने पर आगे भी भड़ास पर छपती रहेंगी, बशर्ते आरोप लगाने वाले खुद पैर न पीछे खींच लें. आम्रपाली शर्मा को जवाब देना चाहिए कि आखिर उन पर ऐसा क्या दबाव पड़ा कि वे सेक्सुवल हैरसमेंट का आरोप लगाकर मुकर गईं? या तो उनका आरोप झूठा था या फिर उन्हें किसी ने डरा दिया, प्रलोभन दे दिया? दोनों ही स्थितियां ठीक नहीं हैं.

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